विनीत मिनोचा हत्याकांड: आरोपी शालू का मोबाइल पुलिस के पास, फिर इंस्टाग्राम पर 'लास्ट सीन' कैसे?
कानपुर के चर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। मामले की मुख्य आरोपी शालू मिनोचा का मोबाइल पुलिस की कस्टडी में होने के बावजूद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 'लास्ट सीन' सक्रिय दिखाई दे रहा है। इस घटना ने पुलिस की जांच और मोबाइल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे लेकर वकील ने भी आपत्ति जताई है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर में हुए विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्य आरोपी शालू मिनोचा का मोबाइल फोन पुलिस के कब्जे में है, लेकिन इसके बावजूद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 'लास्ट सीन' अपडेट हो रहा है। इस तकनीकी विसंगति ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
आरोपी शालू का मोबाइल पुलिस द्वारा जब्त किए जाने के बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उसका सोशल मीडिया अकाउंट कौन इस्तेमाल कर रहा है। इंस्टाग्राम पर 'लास्ट सीन' का सक्रिय दिखना यह संकेत देता है कि मोबाइल या अकाउंट का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है।
इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों और वकीलों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि पुलिस की कस्टडी में मौजूद साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ हो रही है, तो यह जांच की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। इस घटना के बाद से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस की ओर से अभी तक इस तकनीकी चूक या अनधिकृत पहुंच पर कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या मोबाइल का डेटा किसी तरह से क्लाउड के माध्यम से सिंक हो रहा है या फिर किसी ने अकाउंट का एक्सेस प्राप्त कर लिया है।
विनीत मिनोचा हत्याकांड पहले से ही चर्चा में रहा है और अब इस नई घटना ने जांच को और अधिक जटिल बना दिया है। पीड़ित पक्ष और आम जनता अब यह जानना चाहती है कि पुलिस की निगरानी में साक्ष्य सुरक्षित क्यों नहीं हैं।
कानपुर पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे इस बात की जांच करें कि आखिर यह 'लास्ट सीन' कैसे अपडेट हुआ। क्या यह किसी तकनीकी खराबी का नतीजा है या फिर सुरक्षा में कोई बड़ी चूक हुई है, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा।
फिलहाल, इस घटना ने पूरे मामले में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस को अब न केवल हत्याकांड की गुत्थी सुलझानी है, बल्कि अपनी साख बचाने के लिए इस डिजिटल साक्ष्य के साथ हुई छेड़छाड़ का भी जवाब देना होगा।