विराट-रोहित नहीं, इस भारतीय बल्लेबाज को सबसे कठिन मानते थे पैट कमिंस
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण भारतीय बल्लेबाज के रूप में चेतेश्वर पुजारा का नाम लिया है। कमिंस ने बताया कि पुजारा के खिलाफ गेंदबाजी करना बेहद मुश्किल था क्योंकि वे क्रीज पर टिके रहते थे और बिना कोई मौका दिए लगातार डॉट गेंदें खेलते थे। उन्होंने विराट कोहली और रोहित शर्मा के बजाय पुजारा को अपनी सूची में शीर्ष पर रखा है।
VIMARSHNAARAD TVऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कप्तान पैट कमिंस ने हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान अपने करियर के सबसे कठिन भारतीय बल्लेबाजों पर चर्चा की। आमतौर पर चर्चा में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों का नाम लिया जाता है, लेकिन कमिंस ने एक अलग ही नाम चुनकर सबको चौंका दिया है। उन्होंने चेतेश्वर पुजारा को उस भारतीय बल्लेबाज के रूप में पहचाना है जिसका सामना करना उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा है।
कमिंस ने पुजारा की बल्लेबाजी शैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके खिलाफ गेंदबाजी करना एक अलग ही स्तर का अनुभव था। उन्होंने बताया कि पुजारा क्रीज पर बहुत धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते थे और उन्हें आउट करना लगभग असंभव सा लगता था।
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने याद करते हुए कहा कि पुजारा लगातार 100 डॉट गेंदें खेल सकते थे, लेकिन वे गेंदबाज को कोई भी मौका नहीं देते थे। यह निरंतरता ही उन्हें अन्य बल्लेबाजों से अलग बनाती थी।
कमिंस के अनुसार, पुजारा का रक्षात्मक खेल इतना मजबूत था कि वे गेंदबाजों को थका देते थे। वे अपनी एकाग्रता बनाए रखते थे और बिना किसी गलती के घंटों तक बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते थे।
यह स्वीकारोक्ति तब आई है जब क्रिकेट जगत में अक्सर आक्रामक बल्लेबाजों की चर्चा होती है। कमिंस का यह बयान पुजारा की उस तकनीक और मानसिक मजबूती को दर्शाता है जिसने कई बार ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को परेशान किया है।
हालांकि विराट कोहली और रोहित शर्मा भी विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं, लेकिन कमिंस ने पुजारा की उस विशेष शैली को चुना जो उन्हें एक गेंदबाज के रूप में सबसे अधिक परेशान करती थी।
पुजारा की यह खूबी कि वे विकेट नहीं गंवाते थे, उन्हें टेस्ट क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है। कमिंस की यह टिप्पणी उनके प्रति सम्मान को भी दर्शाती है।
यह बयान क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह खेल के उस पहलू को उजागर करता है जहां धैर्य और तकनीक का महत्व आक्रामकता से अधिक हो जाता है।