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विश्व अल्जाइमर दिवस: भूलने की बीमारी को न करें नजरअंदाज, महिलाओं में अधिक है खतरा

विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बार-बार चीजें भूलने की आदत को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह एक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, हार्मोनल बदलावों के कारण पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इस बीमारी का खतरा अधिक देखा गया है।

विश्व अल्जाइमर दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अपनी याददाश्त को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। अक्सर लोग छोटी-मोटी बातों को भूलने की आदत को उम्र का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआत हो सकती है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह बीमारी मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को धीरे-धीरे प्रभावित करती है। समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना और डॉक्टर से परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है। शुरुआती पहचान से स्थिति को बिगड़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया है कि अल्जाइमर के मामलों में लिंग के आधार पर अंतर देखा गया है। आंकड़ों और अध्ययनों के आधार पर, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इस बीमारी का खतरा अधिक पाया गया है।

इस अंतर के पीछे हार्मोनल बदलावों को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन उनके मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे अल्जाइमर के प्रति उनकी संवेदनशीलता बढ़ जाती है।

भूलने की समस्या के अलावा, इस बीमारी के अन्य लक्षणों में निर्णय लेने में कठिनाई, भ्रम की स्थिति और व्यवहार में बदलाव शामिल हो सकते हैं। यदि ये लक्षण दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगें, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और मानसिक रूप से सक्रिय रहने से मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। पहेलियां सुलझाना, नई चीजें सीखना और सामाजिक रूप से सक्रिय रहना भी फायदेमंद हो सकता है।

अंत में, परिवार के सदस्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यदि घर का कोई बुजुर्ग या सदस्य बार-बार चीजें भूल रहा है, तो उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए ले जाना चाहिए। जागरूकता ही इस बीमारी से निपटने का सबसे प्रभावी हथियार है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला ब्यूरो, बरेलीमूल रिपोर्ट देखें ↗