विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप से बाहर हुए सचिन यादव, चोट के कारण नहीं ले पाएंगे हिस्सा
भारतीय जैवलिन थ्रोअर सचिन यादव आगामी विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भाग नहीं ले सकेंगे। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दाहिनी कोहनी की सर्जरी के चलते उन्हें इस प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा है। यह आयोजन अगले सप्ताह बुडापेस्ट में निर्धारित है। नीरज चोपड़ा के बाद यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।
VIMARSHNAARAD TVभारतीय एथलेटिक्स जगत के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार जैवलिन थ्रोअर सचिन यादव आगामी विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप से बाहर हो गए हैं। इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता का आयोजन अगले सप्ताह बुडापेस्ट में किया जाना है, जिसमें सचिन की भागीदारी अब संभव नहीं होगी।
रिपोर्ट के अनुसार, सचिन यादव को अपनी दाहिनी कोहनी में चोट का सामना करना पड़ा था। इस चोट के उपचार के लिए उन्हें सर्जरी करानी पड़ी है, जिसके कारण उन्हें खेल से दूर रहने की सलाह दी गई है। यह स्वास्थ्य संबंधी समस्या उनके करियर के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर एक बड़ी बाधा बनकर आई है।
एथलेटिक्स प्रेमियों के लिए यह खबर काफी दुखद है क्योंकि नीरज चोपड़ा के बाद सचिन यादव का बाहर होना भारतीय खेमे के लिए एक बड़ा झटका है। विश्व स्तर की इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन चोट के कारण सचिन का नाम सूची से हट गया है।
बुडापेस्ट में होने वाली इस पहली विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। सचिन का बाहर होना न केवल उनके लिए व्यक्तिगत रूप से चुनौतीपूर्ण है, बल्कि भारतीय टीम की पदक संभावनाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।
फिलहाल सचिन यादव के स्वास्थ्य और उनकी रिकवरी पर ही पूरा ध्यान केंद्रित है। सर्जरी के बाद उन्हें पूर्ण विश्राम की आवश्यकता है ताकि वह भविष्य में फिर से ट्रैक और फील्ड पर वापसी कर सकें। उनके प्रशंसक और खेल जगत उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक उनकी वापसी की समयसीमा को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फिलहाल पूरा ध्यान उनकी सर्जरी के बाद की रिकवरी प्रक्रिया पर है।
यह घटना खेल में चोटों की अनिश्चितता को फिर से रेखांकित करती है। एक एथलीट के लिए शारीरिक फिटनेस ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी होती है, और कोहनी की चोट जैवलिन थ्रोअर के लिए विशेष रूप से गंभीर मानी जाती है।
आने वाले समय में सचिन यादव की फिटनेस पर ही उनके भविष्य के टूर्नामेंटों में भाग लेने का निर्णय निर्भर करेगा। फिलहाल, बुडापेस्ट चैंपियनशिप में उनकी अनुपस्थिति भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक रिक्त स्थान छोड़ गई है।