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वृंदावन बाल गृह से किशोरी के भागने की चौथी घटना, अब 24 घंटे तैनात रहेगी पुलिस

मथुरा के वृंदावन स्थित बाल गृह से एक किशोरी के भागने का मामला सामने आया है। पिछले नौ महीनों में यह चौथी ऐसी घटना है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने अब बाल गृह में 24 घंटे पुलिस चौकी बनाने और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में स्थित बाल गृह फिर से चर्चा में है। हाल ही में यहां से एक किशोरी के भागने की घटना सामने आई है, जो पिछले नौ महीनों में हुई चौथी ऐसी घटना है। इस बार-बार हो रही चूक ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, बाल गृह की सुरक्षा को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और घटनाओं के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। अब इस बाल गृह में 24 घंटे निगरानी के लिए एक समर्पित पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि बाल गृह में सुरक्षा के मानकों को और बेहतर बनाया जाएगा। इसके तहत सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की योजना पर भी काम चल रहा है। नौ महीने पहले ही इस बाल गृह की स्थापना की गई थी, लेकिन इतने कम समय में चार बार बच्चों के भागने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।

स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनका मानना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए और अधिक सतर्कता बरती जानी चाहिए। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

पुलिस चौकी की स्थापना से बाल गृह के अंदर और बाहर की गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा। पुलिस की तैनाती से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करना भी आसान होगा।

प्रशासन की ओर से सीसीटीवी कैमरों के दायरे को बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है। इससे बाल गृह के हर कोने पर नजर रखी जा सकेगी और किसी भी प्रकार की चूक की संभावना कम हो जाएगी।

यह घटना बाल गृह प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो। सुरक्षा के इन नए इंतजामों के बाद उम्मीद है कि बाल गृह में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

स्रोत

मूल संदर्भ

01संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरामूल रिपोर्ट देखें ↗