शामली अंकित बालियान हत्याकांड: पुलिस ने दो शूटरों की पहचान की, हरियाणा के कई शहरों में छापेमारी जारी
शामली में हुए अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस ने दो मुख्य शूटरों की पहचान कर ली है। जांच के दौरान पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे पता चला कि आरोपी वारदात के बाद बागपत से सोनीपत की ओर भागे थे। पुलिस ने करनाल, पानीपत और रोहतक में दबिश दी है। आरोपी आर्यन और सत्यम की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं।
VIMARSHNAARAD TVशामली में चर्चित अंकित बालियान हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य शूटरों की पहचान कर ली है, जिनके नाम आर्यन और सत्यम बताए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों आरोपी करनाल के निवासी हैं। पुलिस अब इन संदिग्धों की धरपकड़ के लिए हरियाणा के विभिन्न इलाकों में सघन तलाशी अभियान चला रही है।
घटना के बाद से ही पुलिस की टीमें साक्ष्यों को जुटाने में जुटी हुई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इस तकनीकी जांच से आरोपियों के भागने के रास्ते का पता चला है। पुलिस को जानकारी मिली है कि शूटर अंकित को गोली मारने के बाद बागपत से होते हुए सोनीपत की दिशा में फरार हुए थे।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस हत्याकांड में कुल चार शूटर शामिल थे। इनमें से दो की पहचान आर्यन और सत्यम के रूप में हुई है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने इन आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए करनाल, पानीपत और रोहतक जैसे शहरों में छापेमारी की है।
अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पूरी तरह से साक्ष्यों पर आधारित है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर ही पुलिस ने आरोपियों के हरियाणा कनेक्शन की पुष्टि की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के हर पहलू को गंभीरता से लिया जा रहा है ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
शामली पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को इन संदिग्धों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने विश्वास दिलाया है कि मुखबिर की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
फिलहाल, पुलिस की टीमें हरियाणा के विभिन्न जिलों में डेरा डाले हुए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी खुद पूरी जांच प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।