शामली धर्मांतरण मामला: हाईकोर्ट में पेश हुआ आयुष, पिता देवराज मलिक ने रखी अपनी बात
शामली के बहुचर्चित धर्मांतरण मामले में आयुष इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुआ। यह सुनवाई आयुष को बंधक बनाए जाने की शिकायत पर हुई, जिसे सुल्तान नामक व्यक्ति ने आयुष का दोस्त बताते हुए दर्ज कराया था। आयुष के साथ उनके पिता देवराज मलिक भी अदालत पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया जारी है।
VIMARSHNAARAD TVशामली का धर्मांतरण प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में आयुष इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुआ। यह सुनवाई सुल्तान नामक व्यक्ति द्वारा दायर की गई शिकायत के बाद हुई, जिसमें उसने आयुष को अपना दोस्त बताते हुए उसे बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया था।
अदालत में आयुष के साथ उनके पिता देवराज मलिक भी मौजूद थे। इस मामले में देवराज मलिक ने भी अपनी बात रखी है। धर्मांतरण से जुड़े इस संवेदनशील मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी थीं।
शिकायतकर्ता सुल्तान का दावा था कि आयुष को गलत तरीके से कहीं रखा गया है। इसी शिकायत के आधार पर अदालत ने आयुष को पेश होने का निर्देश दिया था। आयुष की उपस्थिति ने इस मामले में चल रहे दावों और प्रतिदावों के बीच एक नया मोड़ दिया है।
अदालत में हुई सुनवाई के दौरान आयुष ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। वहीं, उनके पिता देवराज मलिक ने भी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी। धर्मांतरण के इस मामले में अब तक कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं।
यह मामला काफी समय से सुर्खियों में रहा है। शामली पुलिस और प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। हाईकोर्ट में हुई इस पेशी के बाद अब आगे की कानूनी कार्यवाही की प्रतीक्षा है।
अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों पक्षों को सुना। आयुष की पेशी के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत इस मामले में क्या निर्देश देती है।
फिलहाल, आयुष और उनके पिता के हाईकोर्ट पहुंचने से इस मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी है। प्रशासन और पुलिस इस मामले में अदालत के अगले आदेशों का पालन करने के लिए तैयार है।