शाहजहांपुर में गंगा और रामगंगा का बढ़ा जलस्तर, शमसाबाद-ढाई घाट मार्ग पर आवागमन हुआ बाधित
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में गंगा और रामगंगा नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। शमसाबाद-ढाई घाट मार्ग पर दो फीट पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, रामगंगा नदी के किनारे कटाव की समस्या भी देखी जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
VIMARSHNAARAD TVशाहजहांपुर जिले में नदियों का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन पर असर पड़ा है। संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, गंगा नदी के उफान के कारण शमसाबाद-ढाई घाट मार्ग पर लगभग दो फीट पानी भर गया है, जिससे इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा के अलावा रामगंगा नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंचती दिख रही है। रामगंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण नदी के किनारे वाले क्षेत्रों में कटाव की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है।
जिले की अन्य नदियों में भी पानी का स्तर बढ़ा हुआ है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
पानी के तेज बहाव और कटाव के कारण खेती योग्य भूमि को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि जलभराव से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
राहत और बचाव कार्यों के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मदद पहुंचाई जाएगी।
फिलहाल, शमसाबाद-ढाई घाट मार्ग पर पानी होने के कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बाधित है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।