शाहजहांपुर में बाढ़ का कहर: एनिमल बर्थ सेंटर में भरा पानी, बेसहारा कुत्तों को छोड़ भागे कर्मचारी
शाहजहांपुर में बाढ़ के पानी ने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर को अपनी चपेट में ले लिया है। परिसर में जलभराव के कारण नसबंदी का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कर्मचारी वहां मौजूद कुत्तों को लावारिस छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर निकल गए हैं। अब इन भूखे-प्यासे जानवरों की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा है, जिससे उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है।
शाहजहांपुर में बाढ़ की स्थिति ने जानवरों के लिए भी संकट पैदा कर दिया है। शहर के एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में बाढ़ का पानी घुस जाने से अफरा-तफरी मच गई है। परिसर में पानी भरने के कारण यहां चल रहे नसबंदी अभियान को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि केंद्र के कर्मचारी वहां मौजूद कुत्तों को असुरक्षित छोड़कर परिसर से बाहर निकल गए हैं। इस अचानक आई आपदा के बीच जानवरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के बजाय उन्हें वहीं छोड़ दिया गया।
वर्तमान में, सेंटर के अंदर फंसे कुत्तों के लिए भोजन और पानी की भारी किल्लत हो गई है। उनकी देखभाल करने वाला कोई भी कर्मचारी वहां मौजूद नहीं है, जिससे उनकी स्थिति दयनीय बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बेजुबान जानवरों को इस तरह बाढ़ के बीच छोड़ देना मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ है।
प्रशासन की ओर से अभी तक इन जानवरों को सुरक्षित निकालने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। सेंटर के अंदर पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कुत्तों के लिए खतरा और अधिक बढ़ गया है।
एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का मुख्य उद्देश्य जानवरों की आबादी को नियंत्रित करना था, लेकिन बाढ़ ने इस पूरी व्यवस्था को ही अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब इन जानवरों के जीवन को बचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
पशु प्रेमी और स्थानीय निवासी अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इन जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इन कुत्तों की जान जा सकती है।
बाढ़ का पानी अभी भी परिसर में जमा है, जिससे बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है। शाहजहांपुर में बाढ़ के कारण जनजीवन के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा भी एक गंभीर मुद्दा बनकर उभरी है।
