शिक्षा मंत्रालय के सचिव ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' के तहत किया श्रमदान, छात्रों को दी स्वच्छता की सीख
स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव टी. के. अनिल कुमार ने नई दिल्ली के एक पीएम श्री स्कूल में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के तहत स्वच्छता श्रमदान का नेतृत्व किया। पीआईबी के अनुसार, इस कार्यक्रम में वृक्षारोपण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर क्विज का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने नई दिल्ली स्थित एक पीएम श्री स्कूल में 'स्वच्छता ही सेवा' (एसएचएस) 2026 अभियान के अंतर्गत एक विशेष स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया। पीआईबी की विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान का नेतृत्व स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव श्री टी. के. अनिल कुमार ने किया।
यह कार्यक्रम 'मिशन लाइफ' के तहत इको क्लब्स की देखरेख में संचालित किया गया, जिसमें केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के छात्र, शिक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सफाई अभियान के दायरे में स्कूल परिसर, आसपास के सामुदायिक स्थल और स्कूल के सामने स्थित पार्क को शामिल किया गया।
श्रमदान के बाद 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' पहल के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे लगाए। इसके अलावा, छात्रों के बीच ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली पर एक प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई, ताकि उन्हें कचरे के सही निपटान और जिम्मेदारी के बारे में शिक्षित किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों के साथ संवाद किया। इसमें साक्षरता, स्वच्छता और टिकाऊ जीवनशैली के महत्व पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि स्कूलों की भूमिका छात्रों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आदतें विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें 'स्वच्छ और विकसित भारत' के विजन में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है। विभाग ने स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के अपर सचिव धीरज साहू, अर्चना शर्मा अवस्थी, संयुक्त सचिव प्राची पांडे, डॉ. अमरप्रीत दुग्गल, उप महानिदेशक डॉ. पंकज के. पी. श्रेयस्कर, मुख्य लेखा नियंत्रक दीपिका जैन और केवीएस आयुक्त विकास गुप्ता सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस सामूहिक प्रयास ने न केवल स्कूल परिसर को स्वच्छ बनाया, बल्कि छात्रों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार भी किया।
