शिवराज सिंह चौहान ने लखपति दीदियों से किया संवाद, 5 वर्षों में 10 लाख करोड़ ऋण का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं सहायता समूहों और आवास योजना के लाभार्थियों से चर्चा की। उन्होंने अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरण की घोषणा की। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को 'एक दीया आशीर्वाद का' जलाने का आह्वान किया।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर की स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लाभार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्री ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को 10 लाख करोड़ रुपये का संस्थागत ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये व्यक्तिगत उद्यम शुरू करने वाली महिलाओं को दिए जाएंगे।
संवाद के दौरान असम, बिहार, मध्य प्रदेश और त्रिपुरा की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। लाभार्थियों ने बताया कि कैसे पक्के मकान, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और नल से जल जैसी सुविधाओं ने उनके जीवन स्तर में सुधार किया है। मंत्री ने इन महिलाओं के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि अब लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनने का सफर शुरू हो चुका है।
ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मंत्रालय ने विशेष कदम उठाए हैं। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बैंकों को अनावश्यक दस्तावेज और गारंटी की मांग न करने के निर्देश दिए गए हैं। समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके अलावा, ऋण स्वीकृति की निगरानी के लिए सभी बैंकों को 31 अक्टूबर तक 'जन समर्थ पोर्टल' पर ऑनबोर्ड होना अनिवार्य होगा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक विशेष अपील भी की गई। मंत्री ने देशवासियों और विशेषकर समूह की महिलाओं से 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घरों में 'एक दीया आशीर्वाद का' जलाने का आग्रह किया। यह दीया प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन और देश की प्रगति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक होगा।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वे स्वयं 17 सितंबर को तेलंगाना के एक ग्रामीण क्षेत्र में जाकर वहां की महिलाओं के साथ दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ग्रामीण भारत की नारी शक्ति देश के विकास में नए प्रतिमान स्थापित करेगी। सरकार का लक्ष्य अब 6 करोड़ लखपति दीदियां तैयार करना है, जो ब्रांडिंग और निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं।
