शूटिंग में सफलता का राज: रात 2 बजे तक जागते थे कोच, सुबह 6 बजे फिर ड्यूटी
भारतीय शूटिंग टीम के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित ने टीम की सफलता के पीछे की कड़ी मेहनत का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कोच और स्टाफ रात के 2 बजे तक काम करते थे और सुबह 6 बजे फिर से अपनी ड्यूटी पर तैनात हो जाते थे। इस निरंतर समर्पण और अनुशासन के कारण ही भारतीय निशानेबाजों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए हैं।
भारतीय शूटिंग टीम की हालिया सफलता ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि के पीछे की कहानी साझा करते हुए टीम के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित ने एनडीटीवी के साथ एक विशेष बातचीत की। उन्होंने बताया कि यह सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे टीम के हर सदस्य का अथक परिश्रम है।
रौनक पंडित ने बताया कि शूटिंग में मेडल जीतने के लिए कोच और सपोर्ट स्टाफ ने अपनी नींद और आराम को ताक पर रख दिया था। उन्होंने कहा कि कोच अक्सर रात के 2 बजे तक जागकर खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करते थे और अगले दिन की रणनीति तैयार करते थे।
इतना ही नहीं, रात भर जागने के बावजूद, वे सुबह 6 बजे फिर से अपनी ड्यूटी पर हाजिर हो जाते थे। यह अनुशासन और समर्पण ही था जिसने खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया। रौनक ने कहा कि शूटिंग जैसे खेल में मानसिक एकाग्रता बहुत जरूरी है, और कोचों की मेहनत ने खिलाड़ियों को वह मानसिक मजबूती प्रदान की।
टीम के खिलाड़ियों, जैसे एलावेनिल वलारिवन और सोनम उत्तम मस्कर, के प्रदर्शन पर बात करते हुए रौनक ने कहा कि हर खिलाड़ी ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। उन्होंने कहा कि शूटिंग में छोटी सी चूक भी पदक से दूर कर सकती है, इसलिए हर शॉट की बारीकी पर ध्यान देना अनिवार्य था।
रौनक पंडित ने यह भी बताया कि टीम के भीतर का माहौल बहुत सकारात्मक था। सभी सदस्य एक परिवार की तरह काम कर रहे थे, जिससे दबाव के क्षणों में भी खिलाड़ी शांत रह सके। उन्होंने कहा कि सफलता का श्रेय पूरी टीम को जाता है, जिसमें खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच और सपोर्ट स्टाफ का भी बराबर का योगदान है।
इस बातचीत के दौरान रौनक ने शूटिंग में भारत के भविष्य को लेकर भी आशा जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह से युवा खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले समय में भारत शूटिंग में और भी ऊंचाइयां छुएगा।
अंत में, रौनक पंडित ने सभी का धन्यवाद किया जिन्होंने टीम पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक पदक नहीं है, बल्कि भारतीय शूटिंग के लिए एक नई शुरुआत है। टीम अब अपनी अगली चुनौतियों के लिए तैयार है और इसी तरह की मेहनत जारी रखने का संकल्प ले रही है।
