श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने गिनाईं देश की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति और विकास यात्रा पर चर्चा की। उन्होंने 2013 की तुलना में वर्तमान भारत की स्थिति को बेहतर बताते हुए कहा कि देश अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने रक्षा, विनिर्माण और बैंकिंग क्षेत्रों में आई क्रांति का उल्लेख करते हुए युवाओं को विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
VIMARSHNAARAD TVप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में भाग लेते हुए संस्थान की सौ वर्षों की यात्रा को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज न केवल शिक्षा का केंद्र रहा है, बल्कि इसने देश को कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व भी दिए हैं। प्रधानमंत्री ने 2013 में इसी मंच से दिए गए अपने संबोधन को याद करते हुए कहा कि उस समय देश निराशा के दौर से गुजर रहा था, लेकिन आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने 2013 की तत्कालीन स्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय महंगाई, घोटालों और नीतिगत पंगुता की चर्चाएं आम थीं। उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आतंकवाद पर लगाम लगी है और भारत की सेनाएं अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क हैं। उन्होंने हालिया आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश की जीडीपी विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है, जो वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की मजबूती को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री ने जनधन योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि बैंकिंग प्रणाली से करोड़ों लोगों को जोड़कर देश में फिनटेक क्रांति लाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में जो काम दशकों में नहीं हो पाए, वे अब कुछ ही वर्षों में पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण का उदाहरण देते हुए बताया कि 1925 से 2014 के बीच जो काम अधूरा था, उसे पिछले 12 वर्षों में लगभग पूरा कर लिया गया है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब बड़े पैमाने पर रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने 'मेक इन इंडिया' की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि आज स्मार्टफोन से लेकर अन्य तकनीकी उत्पाद भारत में बन रहे हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान दें और नकारात्मकता फैलाने वाले लोगों से दूर रहें।
प्रधानमंत्री ने भविष्य के संकल्पों को दोहराते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और इनोवेशन का वैश्विक हब बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयासों से भारत एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनेगा। उन्होंने युवाओं को कैंपस के बाहर की दुनिया के लिए तैयार रहने और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।