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संसद से चुनाव आयोग तक विपक्षी मार्च: राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप, बीजेपी ने किया खंडन

विपक्षी इंडिया ब्लॉक ने एसआईआर और कथित वोट चोरी के विरोध में संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। बीबीसी हिंदी के अनुसार, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।

संसद से चुनाव आयोग तक विपक्षी मार्च: राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप, बीजेपी ने किया खंडन
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Original: Indian National Congress. · CC BY-SA 3.0 · Openverse

हाल ही में विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। यह मार्च संसद भवन से शुरू होकर चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाना था, जिसका मुख्य उद्देश्य एसआईआर और वोट चोरी से जुड़े मुद्दों को उठाना था। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा कारणों और नियमों का हवाला देते हुए इस मार्च को रास्ते में ही रोक दिया।

इस दौरान राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आयोग पर कुछ खास दिशा में काम करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि इन घटनाओं को भविष्य के लिए याद रखा जाएगा।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।

विपक्ष का दावा है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और उन्हें अपनी चिंताओं को चुनाव आयोग के समक्ष रखने का अधिकार है। प्रदर्शनकारी नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की और आयोग से मिलने की जिद पर अड़े रहे।

पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए घेराबंदी की थी। इस स्थिति के कारण क्षेत्र में काफी गहमागहमी रही और यातायात भी प्रभावित हुआ। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका गया है।

बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम देश की राजनीति में एक नई बहस का विषय बन गया है। एक तरफ विपक्ष अपनी बात पर मजबूती से कायम है, तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष इसे संवैधानिक संस्थाओं पर हमला बता रहा है।

आने वाले समय में यह विवाद किस दिशा में जाएगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और किसी भी प्रकार की सहमति बनती नजर नहीं आ रही है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01BBC News हिंदीमूल रिपोर्ट देखें ↗