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सरकारी योजनाओं के प्रभाव से बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत हुई: डॉ. एल. मुरुगन

केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बताया कि सरकार की प्रमुख पहलों के कारण देश में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। चेन्नई में आयोजित 20वें रोजगार मेले के दौरान उन्होंने 285 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाया है।

सरकारी योजनाओं के प्रभाव से बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत हुई: डॉ. एल. मुरुगन
आधिकारिक स्रोत का चित्र: Press Information Bureau, Government of India · PIB reusable material · Press Information Bureau

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने चेन्नई में आयोजित 20वें रोजगार मेले में हिस्सा लिया और 285 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप देश में बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत पर आ गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 45 स्थानों पर आयोजित इस रोजगार मेले में भाग लिया और 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। डॉ. मुरुगन ने चेन्नई के डी.जी. वैष्णव कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में आयकर विभाग, रक्षा मंत्रालय और डाक विभाग जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में चयनित युवाओं को शुभकामनाएं दीं।

मंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी सेवा में उनका प्रवेश 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को केवल एक नौकरी के रूप में न देखें, बल्कि इसे राष्ट्र सेवा और देश के समग्र विकास में योगदान देने के एक अवसर के रूप में स्वीकार करें।

डॉ. मुरुगन ने जोर दिया कि सरकारी कर्मचारी सरकार का चेहरा होते हैं, इसलिए उन्हें जनता के साथ संवाद करते समय ईमानदारी, जवाबदेही और सहानुभूति का परिचय देना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार की 'मेक इन इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया' और 'मुद्रा ऋण योजना' जैसी पहलों ने युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है।

स्टार्टअप्स के बढ़ते चलन पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि 2014 में देश में स्टार्टअप्स की संख्या मात्र 400 थी, जो अब बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है। इनमें से अधिकांश स्टार्टअप्स के संस्थापक 30 वर्ष से कम आयु के युवा हैं, जो देश की बदलती तस्वीर को दर्शाते हैं।

उन्होंने युवाओं को नई तकनीकों को अपनाने और अपने कौशल को निरंतर उन्नत करने की सलाह दी। उन्होंने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में मिल रहे नए अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है।

अब तक रोजगार मेलों के माध्यम से 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने तमिलनाडु में नवोदय विद्यालयों के महत्व पर भी चर्चा की, जो वंचित विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे।

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