सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद शिकायतकर्ता विकास त्यागी ने कुआं मिलने का किया दावा
सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर में स्थित एक पुरानी मस्जिद को अवैध घोषित कर गिरा दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 35 पन्नों के विस्तृत आदेश में इसे अवैध माना था। इस कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता विकास त्यागी ने दावा किया है कि ध्वस्तीकरण के दौरान वहां एक कुआं मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मस्जिद किसी पुराने देवस्थान को हटाकर बनाई गई हो सकती है। विपक्ष ने इस कार्रवाई का विरोध किया है।
VIMARSHNAARAD TVसहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर में स्थित एक पुरानी दो मंजिला मस्जिद को प्रशासन द्वारा अवैध करार देकर ध्वस्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने इस मामले में एक विस्तृत 35 पन्नों का आदेश जारी किया था, जिसमें मस्जिद के निर्माण को अवैध माना गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और उनके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया था।
इस मामले के शिकायतकर्ता विकास त्यागी ने ध्वस्तीकरण के बाद एक नया दावा पेश किया है। त्यागी का कहना है कि मस्जिद के मलबे के नीचे एक कुआं मिला है। उन्होंने आशंका जताई है कि यह मस्जिद किसी प्राचीन देवस्थान को हटाकर बनाई गई हो सकती है। उनके इस दावे ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, हालांकि प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मस्जिद गिराए जाने की इस घटना पर राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विपक्ष ने इस ध्वस्तीकरण का कड़ा विरोध जताया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई उचित नहीं थी और इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने अदालत के आदेश का हवाला देते हुए अपनी कार्रवाई को सही ठहराया है।
अदालत के आदेश में स्पष्ट किया गया था कि मस्जिद का निर्माण नियमों के अनुरूप नहीं था। प्रशासन ने इसी कानूनी आधार पर कलक्ट्रेट परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया पूरी की। फिलहाल, मौके पर स्थिति को लेकर प्रशासन सतर्क है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। स्थानीय लोग और संबंधित पक्ष इस घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।