सहारनपुर नकली नोट मामला: एसआईटी ने एनआईए को सौंपी जांच, 17 करोड़ के जाली नोटों का नेटवर्क खंगाल रही एजेंसी
पंजाब नेशनल बैंक की सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद होने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी ने अब तक जुटाए गए सभी साक्ष्य और केस डायरी एनआईए को सौंप दी है। केंद्रीय एजेंसी अब इस बड़े नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है, जिसमें बैंक के मुख्य सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका और लेनदेन की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है।
VIMARSHNAARAD TVसहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से जुड़े नकली नोटों के मामले में जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस गंभीर प्रकरण की जांच अब पूरी तरह से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथों में है। राज्य की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब तक की अपनी जांच में जो भी महत्वपूर्ण साक्ष्य और केस डायरी तैयार की थी, उसे एनआईए को सौंप दिया है।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करेंसी चेस्ट से कुल 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए गए थे। इतनी बड़ी मात्रा में नकली मुद्रा का मिलना सुरक्षा और बैंकिंग प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। एनआईए अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है और इसके पीछे कौन से बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं।
जांच के दौरान बैंक के मुख्य सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। रिपोर्ट के अनुसार, इन अधिकारियों को फिर से करेंसी चेस्ट में बुलाया गया है ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक के भीतर कैसे पहुंचे और क्या इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत है।
इसके अलावा, बैंक के भीतर होने वाले वित्तीय लेनदेन की प्रक्रिया भी जांच का मुख्य हिस्सा है। एनआईए यह खंगाल रही है कि क्या करेंसी चेस्ट के संचालन में नियमों की अनदेखी की गई थी। जांच का दायरा अब उन सभी लेनदेन तक बढ़ गया है जो पिछले कुछ समय में इस चेस्ट के माध्यम से किए गए थे।
स्थानीय स्तर पर एसआईटी ने जो शुरुआती पड़ताल की थी, उसने एनआईए के लिए आधार तैयार कर दिया है। अब केंद्रीय एजेंसी तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे रैकेट की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इस मामले में किसी भी बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया जा रहा है।
बैंक प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है। एनआईए की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पूरे मामले पर आधिकारिक जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।