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सहारनपुर पीएनबी करेंसी चेस्ट गबन: असली नोटों की आड़ में खपाए जा रहे थे करोड़ों के नकली नोट

सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये के गबन की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आरबीआई की टीम ने पाया कि असली नोटों के बंडल के बीच में नकली नोट छिपाकर रखे गए थे। इन जाली नोटों को बनाने में सामान्य पेपर और स्याही का इस्तेमाल किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।

सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में सामने आए 17 करोड़ रुपये के बड़े गबन मामले ने बैंकिंग जगत में हलचल मचा दी है। इस मामले की गहन जांच के लिए मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक विशेष टीम सहारनपुर पहुंची। शुरुआती पड़ताल में बैंक के भीतर चल रहे हेरफेर के चौंकाने वाले तरीके सामने आए हैं।

आरबीआई की टीम को जांच के दौरान पांच लाख रुपये के नोटों का एक ऐसा बंडल मिला है, जिसमें जालसाजी का तरीका बेहद शातिर है। जांचकर्ताओं के अनुसार, बंडल की पहली और आखिरी गड्डी में तो असली नोट रखे गए थे, लेकिन उनके बीच में बड़ी चालाकी से नकली नोट छिपा दिए गए थे।

इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए गए नकली नोटों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, इन नोटों को तैयार करने के लिए किसी विशेष तकनीक या उच्च गुणवत्ता वाले कागज के बजाय सामान्य स्याही और साधारण पेपर का उपयोग किया गया था।

बैंक की करेंसी चेस्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की सेंधमारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आरबीआई की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सिलसिला कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन से कर्मचारी या अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, जांच का दायरा अब और अधिक विस्तृत कर दिया गया है। बैंक के रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कुल 17 करोड़ रुपये के गबन में और कितने बंडलों के साथ छेड़छाड़ की गई है।

फिलहाल, बैंक प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में विस्तृत जवाब का इंतजार है। आरबीआई की टीम की रिपोर्ट के बाद ही इस पूरे घोटाले की वास्तविक भयावहता और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗