सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण पर इकरा हसन का कड़ा रुख, प्रधानमंत्री से मुलाकात की जताई इच्छा
सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में स्थित सौ साल पुरानी मस्जिद को अवैध घोषित कर गिराए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। कैराना से सांसद इकरा हसन ने इस कार्रवाई को गैरकानूनी करार दिया है। उन्होंने सपा प्रतिनिधिमंडल के साथ मौके का दौरा किया और मामले में प्रधानमंत्री से मिलने की बात कही है। वहीं, ध्वस्तीकरण के बाद मलबे में मिले प्राचीन कुएं को लेकर एएसआई जांच की तैयारी है।
VIMARSHNAARAD TVसहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर में स्थित एक सौ साल से अधिक पुरानी मस्जिद को गिराए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अदालत द्वारा इस ढांचे को अवैध घोषित किए जाने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने इस कार्रवाई पर गहरा विरोध जताया है। उन्होंने सपा के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ घटनास्थल का दौरा किया और सरकार पर गैरकानूनी तरीके से मस्जिद तोड़ने का आरोप लगाया। इकरा हसन ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने का प्रयास करेंगी ताकि अपनी बात उन तक पहुंचाई जा सके।
ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के दौरान मलबे के नीचे एक प्राचीन कुआं भी मिला है, जिसने नई बहस को जन्म दे दिया है। स्थानीय स्तर पर इस कुएं की ऐतिहासिकता और इसके उपयोग को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे किसी प्राचीन देव स्थान से जुड़ा हुआ बता रहे हैं, जिससे मामले में धार्मिक और ऐतिहासिक पहलू भी जुड़ गए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अब इस कुएं की उम्र और इसके महत्व का पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की मदद ली जाएगी। एएसआई की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह ढांचा कितना पुराना है और अतीत में इसका उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जाता था।
फिलहाल, इस ध्वस्तीकरण के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और जिज्ञासा दोनों देखी जा रही है। एक तरफ जहां राजनीतिक प्रतिनिधि इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी तरफ पुरातत्व विभाग की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं।
प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। अभी तक इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इकरा हसन के बयानों ने इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
आने वाले दिनों में एएसआई की जांच रिपोर्ट और प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ संभावित मुलाकात के बाद ही इस विवाद का कोई ठोस समाधान निकलने की उम्मीद है। फिलहाल, सहारनपुर का यह इलाका चर्चा के केंद्र में बना हुआ है।