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सहारनपुर में कलक्ट्रेट की मस्जिद को जिला जज ने माना अवैध, निचली अदालत के फैसले पर लगाई मुहर

सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर जिला जज की अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के उस आदेश को बरकरार रखा है जिसमें मस्जिद को अवैध घोषित किया गया था। यह मामला बजरंग दल के नेता विकास त्यागी की शिकायत के बाद सामने आया था।

सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद के मामले में जिला जज की अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा पूर्व में दिए गए निर्णय को सही ठहराते हुए मस्जिद को अवैध करार दिया है। इस न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब मस्जिद की वैधता पर कानूनी मुहर लग गई है।

यह पूरा मामला बजरंग दल के नेता विकास त्यागी द्वारा की गई शिकायत से शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता ने कलक्ट्रेट परिसर में स्थित इस मस्जिद को अवैध बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले की सुनवाई सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत में हुई थी।

सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद मस्जिद को अवैध घोषित कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत में याचिका दायर की गई थी, जिसमें निचली अदालत के निर्णय को चुनौती दी गई थी।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, जिला जज सतेंद्र कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को यथावत रखा है। अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए मस्जिद को अवैध मानने के निर्णय पर अपनी मुहर लगा दी है।

इस फैसले के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जिला जज की अदालत का यह निर्णय स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह निष्कर्ष निकाला है। जिला जज का यह आदेश स्पष्ट करता है कि कलक्ट्रेट परिसर में स्थित उक्त ढांचा कानूनी रूप से वैध नहीं है।

इस मामले में अब आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन कानूनी रूप से स्थिति स्पष्ट हो गई है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗