सहारनपुर में कलक्ट्रेट स्थित मस्जिद गिराए जाने पर इमरान मसूद ने जताई गहरी नाराजगी और साजिश का आरोप
सहारनपुर में प्रशासन द्वारा कलक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने इस कार्रवाई को सहारनपुर को संभल जैसा बनाने की सोची-समझी साजिश करार दिया है। इस बीच, मस्जिद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई की संभावना है। वहीं, यूट्यूबर हुदा जरीवाला को इस प्रकरण से संबंधित मामले में जमानत मिल गई है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित कलक्ट्रेट परिसर की एक मस्जिद को शनिवार के दिन स्थानीय प्रशासन ने गिरा दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने इसे एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया है।
इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि सहारनपुर को संभल की तरह अशांत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि पहले के समय में मस्जिदों के भीतर वजू करने के लिए कुओं की व्यवस्था होती थी, जो अब लुप्त होती जा रही है। उनके इस बयान ने स्थानीय राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है।
इस पूरे ध्वस्तीकरण मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक या दो दिनों के भीतर सुनवाई होने की उम्मीद है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजरें अब अदालत के रुख पर टिकी हुई हैं।
दूसरी ओर, इसी प्रकरण से जुड़ी एक अन्य घटना में यूट्यूबर हुदा जरीवाला को राहत मिली है। उन्हें इस मामले से संबंधित कानूनी कार्यवाही के बीच जमानत दे दी गई है। हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी और उसके बाद मिली जमानत को लेकर भी सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर इस ध्वस्तीकरण के कारणों और कानूनी पहलुओं पर अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती है।
इमरान मसूद के बयानों ने इस मुद्दे को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाला कदम बताया है।
आने वाले दिनों में हाईकोर्ट का निर्णय इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा। फिलहाल, सहारनपुर में स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है और लोग अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।