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सहारनपुर में नकली सिक्कों का बड़ा रैकेट बेनकाब, 70 करोड़ रुपये बाजार में खपाने का खुलासा

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह ने अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के बाजार में चला दिए थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में सिक्के, मशीनें और डाई बरामद की हैं। आरोपी मुख्य रूप से टोल प्लाजा और बाजारों में इन सिक्कों का इस्तेमाल करते थे।

सहारनपुर में पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में नकली सिक्कों का कारोबार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। शहर कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है क्योंकि यह गिरोह काफी समय से बड़े पैमाने पर नकली मुद्रा का संचालन कर रहा था।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अब तक बाजार में 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के खपा चुका है। यह एक बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी का मामला है, जिसने स्थानीय प्रशासन को भी चौंका दिया है। आरोपी इन सिक्कों को इतनी चतुराई से तैयार करते थे कि आम लोगों के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 1.28 लाख रुपये मूल्य के तैयार नकली सिक्के बरामद किए हैं। इसके अलावा, सिक्कों को ढालने में इस्तेमाल होने वाली छह अत्याधुनिक मशीनें भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने घटनास्थल से 39 ऐसी डाई भी बरामद की हैं, जिन पर कोई मुहर नहीं लगी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ये सिक्के अवैध रूप से बनाए जा रहे थे।

पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य इन नकली सिक्कों को सुनियोजित तरीके से बाजार में फैलाते थे। इनका मुख्य निशाना भीड़भाड़ वाले बाजार, शराब के ठेके और टोल प्लाजा होते थे। टोल प्लाजा पर अक्सर सिक्कों का लेनदेन अधिक होता है, जिसका फायदा उठाकर ये लोग नकली मुद्रा को असली के साथ मिलाकर खपा देते थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सरगनाओं तक पहुंचा जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन सिक्कों को बनाने के लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था।

इस मामले में बरामद की गई कार का उपयोग भी सिक्कों की तस्करी और वितरण के लिए किया जाता था। पुलिस ने वाहन को भी कब्जे में ले लिया है। स्थानीय पुलिस का मानना है कि इस फैक्ट्री के पकड़े जाने से बाजार में चल रहे नकली सिक्कों के प्रवाह पर काफी हद तक रोक लगेगी।

पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सिक्कों के लेनदेन के दौरान सतर्क रहें। यदि किसी को सिक्कों की गुणवत्ता या उनके वजन में कोई संदेह हो, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और जल्द ही गिरोह के अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗