सहारनपुर में मस्जिद गिराने का मामला: सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का दावा, विपक्ष पर हाउस अरेस्ट का आरोप
सहारनपुर में एक मस्जिद को गिराए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। डीआईजी अभिषेक सिंह के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित इस मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण माना था। वहीं, विपक्ष ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए अपने नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक मस्जिद को गिराए जाने की घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। इस मामले में प्रशासन का पक्ष स्पष्ट है, जबकि विपक्षी दलों ने सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया है।
सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह मस्जिद कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर स्थित थी। मामले की सुनवाई सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई थी।
अदालत ने अपने फैसले में पाया कि उक्त मस्जिद का निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया था। इसी कानूनी आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ढांचे को हटाने का निर्णय लिया।
दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने बिना उचित प्रक्रिया के यह कदम उठाया है।
विपक्ष ने यह भी दावा किया है कि इस मुद्दे पर आवाज उठाने वाले उनके कई नेताओं को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
प्रशासन ने अभी तक हाउस अरेस्ट के आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि वे केवल अदालत के आदेशों का पालन कर रहे हैं।
सहारनपुर में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।