सहारनपुर में 17 करोड़ के जाली नोटों की जांच में सीरियल नंबर बनेंगे अहम सुराग
सहारनपुर में पकड़े गए 17 करोड़ रुपये के जाली नोटों के मामले में जांच एजेंसियां अब नोटों के सीरियल नंबरों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली मुद्रा करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची। एक बंडल में आठ गड्डियां नकली मिलने के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
VIMARSHNAARAD TVसहारनपुर में सामने आए 17 करोड़ रुपये के जाली नोटों के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इस मामले की जांच अब एक नए मोड़ पर है, जहां नोटों के सीरियल नंबर जांच का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं। पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ये नोट कहां से छपे और किस तरह से बैंकिंग प्रणाली के भीतर करेंसी चेस्ट तक पहुंचे।
जांच के दौरान यह पाया गया कि नोटों के बंडलों में भारी अनियमितताएं थीं। कुछ बंडलों में आठ गड्डियां पूरी तरह से नकली पाई गईं, जबकि अन्य में नोटों की गुणवत्ता संदिग्ध थी। इन सीरियल नंबरों का मिलान करके यह पता लगाया जा रहा है कि क्या ये नोट एक ही स्रोत से आए हैं या इनका नेटवर्क अलग-अलग है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, करेंसी चेस्ट तक इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोटों का पहुंचना एक गंभीर सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है। जांच दल अब इस बात की कड़ियों को जोड़ रहा है कि नोटों के बंडल किस स्तर पर बदले गए या उनमें नकली नोट मिलाए गए।
सीरियल नंबरों की मदद से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि क्या ये नोट किसी विशेष प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े हैं या फिर इनका जाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला है। जांच अधिकारी इस बात पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि क्या बैंक के भीतर किसी की मिलीभगत थी, जिसने इस हेरफेर को अंजाम दिया।
इस मामले में अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। नोटों के बंडल की पैकिंग और उन पर लगी सील की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि छेड़छाड़ कब और कहां हुई।
पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश होगा और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जाएगी।
यह घटना बैंकिंग सुरक्षा के मानकों पर भी सवाल खड़े करती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए करेंसी चेस्ट की सुरक्षा और नोटों की गिनती की प्रक्रिया में और अधिक कड़े नियम लागू करने पर विचार किया जा रहा है।