सामाजिक न्याय विभाग और रामकृष्ण मिशन ने पीढ़ियों के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करने के लिए किया एमओयू
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने रामकृष्ण मिशन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य स्कूल प्रणाली के माध्यम से बच्चों, माता-पिता और दादा-दादी के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करना है। यह कार्यक्रम देश भर के 200 पायलट स्कूलों में लागू किया जाएगा।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने नई दिल्ली में रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य तीन पीढ़ियों के बीच आपसी रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाना है।
यह एक देशव्यापी पहल है जिसका लक्ष्य स्कूल प्रणाली के जरिए बच्चों, उनके माता-पिता और दादा-दादी/नाना-नानी के बीच भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव को गहरा करना है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि परिवार समाज की आधारशिला हैं। उन्होंने जोर दिया कि जब हर पीढ़ी साथ चलती है, तभी देश आगे बढ़ता है। उन्होंने इस सहयोग को 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना के अनुरूप बताया।
राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि सरकार पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मॉडल स्कूलों के माध्यम से पीढ़ियों को एक-दूसरे के करीब लाएगा।
रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी सर्वलोकानंद ने कहा कि मिशन शिक्षा और चरित्र-निर्माण के माध्यम से सेवा में विश्वास करता है। उन्होंने परिवारों को बुजुर्गों की समझदारी से जोड़ने के इस प्रयास की सराहना की।
इस एमओयू के तहत देश के चार क्षेत्रों के 50 प्रतिनिधि स्कूलों में आधुनिक परिवारों के सामने पीढ़ियों से संबंधित चुनौतियों पर शोध किया जाएगा। साथ ही, 20 'सह-शिक्षा ज्ञान प्राप्ति खेल' डिजाइन किए जाएंगे, जिन्हें 200 पायलट स्कूलों में लागू किया जाएगा।
शिक्षकों के लिए एक द्विभाषी संसाधन वेबसाइट और प्रमाणपत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इस पहल का मूल्यांकन एक स्वतंत्र अध्ययन के माध्यम से किया जाएगा ताकि इसे बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके।
यह पहल मंत्रालय की 'अटल वयो अभ्युदय योजना' का हिस्सा है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों के अनुभव को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना और बच्चों को सांस्कृतिक रूप से सुरक्षित महसूस कराना है। रामकृष्ण मिशन इस पहल के कार्यान्वयन में मुख्य भागीदार के रूप में कार्य करेगा।
