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सितंबर में भी सामान्य से कम बारिश का अनुमान, IMD ने जारी किया अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सितंबर 2026 के लिए कम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। जून से अगस्त के बीच पहले ही देश में औसत से 14% कम वर्षा दर्ज की गई है। इस स्थिति के कारण खरीफ फसलों की बुआई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के लिए एक चिंताजनक पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, सितंबर के महीने में भी देशभर में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब देश पहले ही मानसून की कमी का सामना कर रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, जून से अगस्त 2026 के दौरान देश में औसत से 14% कम वर्षा दर्ज की गई है। मानसून की इस कमजोरी का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। विशेष रूप से खरीफ फसलों की बुआई पर इसका नकारात्मक प्रभाव साफ दिखाई देने लगा है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

NDTV India की रिपोर्ट के मुताबिक, IMD ने कमजोर मानसून और बढ़ते तापमान को लेकर चेतावनी दी है। सितंबर में भी बारिश की कमी से जल स्तर और सिंचाई की स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। खरीफ की फसलें, जो मुख्य रूप से मानसून की बारिश पर निर्भर करती हैं, उन्हें पर्याप्त पानी न मिलने से पैदावार प्रभावित होने का खतरा है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के इस असामान्य व्यवहार के पीछे कई जलवायु कारक हो सकते हैं। तापमान में लगातार हो रही वृद्धि भी इस स्थिति को और जटिल बना रही है। देश के कई हिस्सों में पहले से ही सूखे जैसे हालात की चर्चा शुरू हो गई है।

सरकार और कृषि विभाग अब इस स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक सिंचाई उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हालांकि, बारिश की कमी की भरपाई करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे जल प्रबंधन के लिए सतर्क रहें।

आने वाले हफ्तों में मौसम विभाग की ओर से और अधिक सटीक जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, सितंबर में भी बारिश की कमी का पूर्वानुमान देश के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

यह स्थिति न केवल कृषि उत्पादन को प्रभावित करेगी, बल्कि खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के अन्य पहलुओं पर भी दबाव डाल सकती है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01NDTV Indiaमूल रिपोर्ट देखें ↗