सीएम योगी का बड़ा बयान: पहले एक परिवार की गलतियों का खामियाजा भुगतता था पूरा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पिछली कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले किसी एक व्यक्ति या परिवार की भूल का दंड पूरे प्रदेश को सहना पड़ता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार में नियुक्तियों में पारदर्शिता आई है और अब किसी की सिफारिश के आधार पर सरकारी नौकरी नहीं दी जाती है, जिससे व्यवस्था में सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में आए बदलावों पर प्रकाश डाला है। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अतीत में प्रदेश को एक व्यक्ति या एक परिवार की गलतियों का भारी मूल्य चुकाना पड़ता था। उनके अनुसार, यह स्थिति पूरे संस्थान के लिए हानिकारक थी।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि पहले सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद और सिफारिशों का बोलबाला था। उन्होंने दावा किया कि अब स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। वर्तमान में किसी भी उम्मीदवार को केवल सिफारिश के दम पर सरकारी पद नहीं मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग्यता ही अब सफलता का एकमात्र पैमाना है। सरकार का प्रयास है कि हर पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिले।
उन्होंने पुरानी व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि गलत निर्णयों का असर केवल एक विभाग तक सीमित नहीं रहता था, बल्कि उसका नकारात्मक प्रभाव पूरे उत्तर प्रदेश की जनता पर पड़ता था। अब इस तरह की मनमानी पर रोक लगा दी गई है।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य अब विकास की नई राह पर है। उन्होंने सरकारी कामकाज में शुचिता और ईमानदारी को प्राथमिकता देने की बात दोहराई।
योगी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां किसी को भी अपने हक के लिए सिफारिश की जरूरत न पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए यह बदलाव अत्यंत आवश्यक था।
अंत में, मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश और अधिक प्रगति करेगा। उन्होंने कहा कि सुशासन ही राज्य की पहचान है और इसे हर हाल में बनाए रखा जाएगा।
