सीएम योगी का बयान: आक्रांता मूर्तियां तोड़ सकते हैं, लेकिन मूल्य नहीं मिटा सकते
लखनऊ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता मूर्तियों को खंडित कर सकते हैं, लेकिन वे भारत के मूल्यों को नष्ट नहीं कर सकते। उन्होंने जोर दिया कि जो लोग आस्था पर प्रहार करते हैं, वे स्वयं इतिहास के पन्नों से मिट गए हैं। राजधानी में शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइंस में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।
VIMARSHNAARAD TVराजधानी लखनऊ में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस लाइंस में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने इतिहास और आस्था के संदर्भ में महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आक्रांता भले ही मूर्तियों को तोड़ दें, लेकिन वे देश के शाश्वत मूल्यों को कभी नहीं मिटा सकते।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारत की संस्कृति और आस्था पर प्रहार करने वाले कई लोग आए और गए, लेकिन वे स्वयं इतिहास के गर्भ में विलीन हो गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी आस्था की जड़ें बहुत गहरी हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने पर भी जोर दिया।
पुलिस लाइंस में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
जन्माष्टमी के इस महापर्व पर पूरे लखनऊ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विभिन्न मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सजावट की गई थी, जहां लोग दर्शन के लिए उमड़े।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश भर में जन्माष्टमी की धूम है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे भगवान कृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी को पर्व की बधाई दी और कहा कि यह दिन हमें अपनी संस्कृति पर गर्व करने का अवसर देता है।