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सीओ जियाउल हक हत्याकांड: राजा भैया को सीबीआई कोर्ट से बड़ी राहत, कार्यवाही हुई समाप्त

सीओ जियाउल हक हत्याकांड मामले में लखनऊ की सीबीआई विशेष अदालत ने जनसत्ता दल के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को बड़ी राहत दी है। अदालत ने पर्याप्त आधार न होने के कारण उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को समाप्त कर दिया है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं।

सीओ जियाउल हक हत्याकांड से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया। इस निर्णय के तहत कुंडा के विधायक और जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह, जिन्हें राजा भैया के नाम से जाना जाता है, को बड़ी राहत मिली है।

अदालत ने राजा भैया समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही को समाप्त करने का आदेश दिया है। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान यह पाया गया कि आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्यवाही जारी रखने के लिए पर्याप्त साक्ष्य या आधार मौजूद नहीं थे।

यह मामला काफी समय से चर्चा में था और कानूनी गलियारों में इस पर बारीकी से नजर रखी जा रही थी। सीबीआई कोर्ट के इस रुख से संबंधित पक्षों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधायक राजा भैया ने कहा कि सत्य को परेशान तो किया जा सकता है, लेकिन उसे कभी पराजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने न्याय व्यवस्था पर अपना भरोसा जताया।

सीओ जियाउल हक हत्याकांड राज्य के चर्चित मामलों में से एक रहा है। इस मामले में सीबीआई द्वारा की गई जांच और उसके बाद अदालत में चली कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी थीं।

अदालत के इस आदेश के बाद अब इन पांचों व्यक्तियों के खिलाफ इस विशेष मामले में कानूनी प्रक्रिया का समापन हो गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय पर्याप्त आधारों के अभाव में लिया गया है।

इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। समर्थकों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है, जबकि कानूनी जानकारों का मानना है कि यह साक्ष्यों के अभाव में लिया गया एक तार्किक निर्णय है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़मूल रिपोर्ट देखें ↗