ताज़ा अपडेटसीतापुर: स्कूल में प्रिंसिपल की टिप्पणी से दुखी छात्र ने उठाया आत्मघाती कदम, परिजनों का भारी विरोध
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सीतापुर: स्कूल में प्रिंसिपल की टिप्पणी से दुखी छात्र ने उठाया आत्मघाती कदम, परिजनों का भारी विरोध

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रामकोट क्षेत्र के एक निजी विद्यालय में कक्षा 12 के एक छात्र ने कीटनाशक का सेवन कर लिया। बताया जा रहा है कि एक सहपाठी के साथ हुए विवाद के बाद प्रिंसिपल द्वारा की गई टिप्पणी से छात्र काफी आहत था। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने स्कूल परिसर के बाहर जमकर हंगामा किया और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।

सीतापुर जिले के रामकोट इलाके में स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ कक्षा 12 में पढ़ने वाले एक छात्र ने कीटनाशक पीकर अपनी जान देने की कोशिश की। घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में छात्र का अपने ही एक सहपाठी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले की जानकारी जब स्कूल प्रशासन तक पहुंची, तो प्रिंसिपल ने छात्र को लेकर कुछ ऐसी बातें कहीं जिससे वह मानसिक रूप से काफी आहत हो गया।

छात्र ने इस अपमान को गंभीरता से लिया और स्कूल से घर लौटने के बाद कीटनाशक का सेवन कर लिया। जैसे ही परिजनों को इस बात की भनक लगी, उन्होंने आनन-फानन में उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल छात्र की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही छात्र के परिजन और अन्य ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल के बाहर एकत्र हो गए। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्रिंसिपल की अनुचित टिप्पणी के कारण ही छात्र ने यह कदम उठाया है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्कूल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि स्कूल के बाहर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी, जिसके बाद मामले को शांत कराने के प्रयास किए गए।

स्थानीय पुलिस को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में छात्रों के साथ होने वाले व्यवहार और उनके मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुरमूल रिपोर्ट देखें ↗