ताज़ा अपडेटसुल्तानपुर जिला कारागार में विचाराधीन बंदी ने नीम के पेड़ से लटककर दी जान, जांच शुरू
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

सुल्तानपुर जिला कारागार में विचाराधीन बंदी ने नीम के पेड़ से लटककर दी जान, जांच शुरू

सुल्तानपुर जिला जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी का शव सोमवार शाम परिसर में स्थित नीम के पेड़ से लटका पाया गया। मृतक की पहचान बाराबंकी के अमित कुमार यादव के रूप में हुई है, जो दुष्कर्म के एक मामले में जेल में निरुद्ध था। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच की जा रही है।

सुल्तानपुर जिला कारागार में सोमवार की शाम एक दुखद घटना सामने आई है। यहां दुष्कर्म के आरोप में बंद एक विचाराधीन बंदी का शव जेल परिसर के भीतर ही एक नीम के पेड़ से फंदे पर लटका हुआ मिला। इस घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की पहचान अमित कुमार यादव के रूप में की गई है। वह मूल रूप से बाराबंकी जिले के सुबेहा क्षेत्र के अहिरन का पुरवा गांव का निवासी था। अमित पिछले कुछ समय से दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद था।

सोमवार की शाम जब जेल के भीतर यह घटना प्रकाश में आई, तो सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया। शव को पेड़ से नीचे उतारकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। फिलहाल, जेल प्रशासन इस मामले की विस्तृत जांच में जुटा है कि बंदी ने यह कदम कैसे उठाया और उस समय सुरक्षा व्यवस्था में क्या स्थिति थी।

इस घटना के बाद से जेल परिसर में सुरक्षा और कैदियों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्यों को जुटाने में लगे हैं। घटना के कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हो सका है।

मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा, ताकि मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके। प्रशासन ने इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही की जांच करने का आश्वासन दिया है।

जेल के भीतर इस तरह की घटना ने सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। फिलहाल, जेल प्रशासन ने इस मामले पर अधिक जानकारी देने से परहेज किया है और जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗