सेंसर बोर्ड ने 35 साल बाद बदली फिल्म प्रमाणन नियमावली, अब ड्रग्स और हिंसा पर होगी सख्त निगरानी
सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने तीन दशक से अधिक समय के बाद अपनी प्रमाणन गाइडलाइंस में व्यापक बदलाव किए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, नई नियमावली में ड्रग्स के दृश्यों और हिंसा को लेकर अधिक कड़े मानक तय किए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य दर्शकों, विशेषकर युवाओं को ध्यान में रखते हुए फिल्म कंटेंट को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
फिल्म जगत में एक बड़े बदलाव के तहत सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने अपनी प्रमाणन नियमावली को अपडेट किया है। यह संशोधन 35 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किया गया है, जो फिल्म निर्माण और प्रदर्शन के मानकों में एक नया अध्याय जोड़ता है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नई गाइडलाइंस का मुख्य केंद्र बिंदु दर्शकों की सुरक्षा और कंटेंट की स्पष्टता है। बोर्ड ने विशेष रूप से ड्रग्स के सेवन और हिंसा से जुड़े दृश्यों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इन बदलावों के पीछे का उद्देश्य फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया को आधुनिक बनाना है। लंबे समय से चली आ रही पुरानी नियमावली में समय के साथ बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब नई गाइडलाइंस के जरिए पूरा किया गया है।
नई नियमावली में आयु-आधारित रेटिंग को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। इससे दर्शकों को यह समझने में आसानी होगी कि कौन सी फिल्म किस आयु वर्ग के लिए उपयुक्त है।
ड्रग्स से संबंधित दृश्यों के लिए अब निर्माताओं को अधिक सावधानी बरतनी होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे दृश्यों को दिखाने के तरीके में बदलाव किए जाएंगे ताकि इनका युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
हिंसा के चित्रण को लेकर भी नए मानक तय किए गए हैं। अत्यधिक हिंसा वाली फिल्मों को अब अधिक कड़ाई से परखा जाएगा, ताकि समाज पर इसके प्रभाव को नियंत्रित किया जा सके।
यह कदम फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। निर्माताओं को अब अपनी फिल्मों को सेंसर बोर्ड के पास भेजने से पहले इन नई गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा।
बोर्ड का मानना है कि इन बदलावों से फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। इससे न केवल दर्शकों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि फिल्म निर्माण की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
आने वाले समय में इन नई गाइडलाइंस का असर रिलीज होने वाली फिल्मों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। सेंसर बोर्ड ने इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
