ताज़ा अपडेटसेमीकॉन 2.0 में डिजाइन, इक्विपमेंट, फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग, आरएंडडी और प्रतिभा विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

सेमीकॉन 2.0 में डिजाइन, इक्विपमेंट, फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग, आरएंडडी और प्रतिभा विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी

इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय सेमीकॉन 2.0 में डिजाइन, इक्विपमेंट, फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग, आरएंडडी और प्रतिभा विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी पूरे इकोसिस्टम में लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं, जिससे निकट भविष्य में करीब 1 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम का विस्तार करने, प्रिसिजन मैन्युफै

सेमीकॉन 2.0 में डिजाइन, इक्विपमेंट, फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग, आरएंडडी और प्रतिभा विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी
आधिकारिक स्रोत का चित्र: Press Information Bureau, Government of India · PIB reusable material · Press Information Bureau

इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय

सेमीकॉन 2.0 में डिजाइन, इक्विपमेंट, फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग, आरएंडडी और प्रतिभा विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी

पूरे इकोसिस्टम में लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं, जिससे निकट भविष्य में करीब 1 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना

सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम का विस्तार करने, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग को सुदृढ़ बनाने और 1 लाख तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने के लिए सेमीकॉन 2.0 की शुरुआत

प्रविष्टि तिथि: 17 SEP 2026 7:54PM by PIB Delhi

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज सेमीकॉन 2.0 के कार्यान्वयन दृष्टिकोण और बढ़ते निवेश की गति को रेखांकित किया। उन्होंने भारत में संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने पर सरकार के फोकस को भी रेखांकित किया। सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि जहाँ सेमीकॉन 1.0 का ध्यान भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग की नींव रखने पर था, वहीं सेमीकॉन 2.0 का उद्देश्य पूरे इकोसिस्टम को स्थापित करना और सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में क्षमताओं का विस्तार करना है।

श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकॉन 2.0 इकोसिस्टम के तहत लगभग ₹ 1 लाख करोड़ (लगभग 11–12 बिलियन अमेरिकी डॉलर) की निवेश प्रतिबद्धताएं पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं। इन निवेशों से बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में लगभग 1 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। यह निवेश अगले दो से तीन वर्षों में धरातल पर उतरेगा और कंपनियां अपने बोर्ड व शेयरधारकों से मंजूरी मिलते ही अपने-अपने निवेश की आधिकारिक घोषणा करेंगी।

सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती देने वाले छह प्रमुख स्तंभ श्री अश्विनी वैष्णव ने उन छह मुख्य स्तंभों को रेखांकित किया, जिनके जरिए सेमीकॉन 2.0 के तहत भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को मजबूत किया जाएगा: 1. डिजाइन इकोसिस्टम: पहला स्तंभ स्टार्ट-अप्स और बड़ी कंपनियों दोनों को सहायता देकर भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम को विस्तार देने पर केंद्रित है। इसके तहत फैबलेस कंपनियों को आगे बढ़ाने, फंडिंग और वेंचर कैपिटल तक पहुंच बनाने, कस्टमर डिस्कवरी और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को मजबूत सुरक्षा प्रदान करने पर जोर दिया जाएगा। इस विस्तारित कार्ययोजना के अंतर्गत सरकार का लक्ष्य 200 सेमीकंडक्टर डिजाइन स्टार्ट-अप्स को सहायता प्रदान करना है। केन्द्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि प्रथम चरण में समर्थित 105 सेमीकंडक्टर स्टार्ट-अप्स में से 20 ने वेंचर कैपिटल फंडिंग प्राप्त कर ली है। उन्होंने इसे एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यही उपलब्धि सेमीकॉन 2.0 के तहत बड़े लक्ष्यों को निर्धारित करने का आधार बनी है। डिजाइन इकोसिस्टम केवल व्यक्तिगत चिप डिजाइन तक सीमित न रहकर कंपनियों को सिस्टम डिजाइन की दिशा में आगे बढ़ने में भी मदद करेगा, जिससे भारतीय प्रतिभाएं और कंपनियां तेजी से जटिल होती तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होंगी।

2. मशीनें और सामग्रियां (मशीन्स एंड मटेरियल्स) : दूसरा स्तंभ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट, मशीनों और मटीरियल के लिए भारत के इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। श्री अश्विनी वैष्णव ने भारत में अपनी गतिविधियां स्थापित करने के लिए वैश्विक कैपिटल इक्विपमेंट कंपनियों की बढ़ती रुचि को रेखांकित किया, जिसमें डिजाइन के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग की क्षमताएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत की स्थापित डिजाइन क्षमताएं ग्लोबल इक्विपमेंट निर्माताओं को अपने डिजाइन ऑपरेशन स्थापित करने में सहायता कर सकती हैं, जिससे भारतीय युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां स्थापित करने वाली कंपनियों को भारत के विकसित होते प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का भी लाभ मिलेगा, जो एयरोस्पेस, एविएशन (विमानन), सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई क्षेत्रों को अपनी सेवाएं प्रदान करता है।

3. फैब्स: तीसरा स्तंभ डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन, कंपाउंड और लॉजिक फैब्स सहित विभिन्न तकनीकों में सेमीकंडक्टर निर्माण (फैब्रिकेशन) क्षमताओं के विस्तार पर केंद्रित है। श्री वैष्णव ने कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों का विश्वास बढ़ रहा है और भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमताएं स्थापित करने में उनकी रुचि लगातार बढ़ रही है।

4. एडवांस्ड पैकेजिंग: चौथा स्तंभ एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमताओं पर केंद्रित है। दक्षता और सिस्टम-लेवल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में एडवांस्ड पैकेजिंग के बढ़ते महत्व को देखते हुए, सरकार भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में इस क्षेत्र में क्षमताओं के विकास को बढ़ावा देगी।

5. अनुसंधान और विकास: पांचवां स्तंभ इंडस्ट्री, सरकार और शिक्षा जगत (अकादमिक संस्थानों) की भागीदारी से एप्लाइड आरएंडडी को बढ़ावा देगा। इस दृष्टिकोण के तहत, इंडस्ट्री को आरएंडडी परियोजनाओं के प्रस्ताव देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें इंडस्ट्री और सरकार दोनों की फंडिंग तथा अकादमिक संस्थानों की सहभागिता होगी। इसका उद्देश्य ऐसी व्यावहारिक तकनीकों को विकसित करना और ठोस परिणाम हासिल करना है, जो भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को मजबूती प्रदान कर सकें।

6. प्रतिभा विकास : छठा स्तंभ भारत के सेमीकंडक्टर टैलेंट बेस (प्रतिभा आधार) के विस्तार पर केंद्रित है। श्री वैष्णव ने बताया कि पहले चरण के तहत लगभग 400 विश्वविद्यालय और संस्थान पहले से ही सेमीकंडक्टर चिप-डिजाइन शिक्षा से जुड़े हुए हैं। सेमीकॉन 2.0 के तहत करिकुलम को अपग्रेड करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जो छात्र बुनियादी चिप-डिजाइन क्षमताएं हासिल करते हैं, वे सिस्टम्स डिजाइन की दिशा में भी आगे बढ़ सकें।

इसके अलावा, सरकार ने पांच वर्षों में 1 लाख तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इसमें उद्योग जगत और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी शामिल होगी—जिसमें ताइवान का आईटीआरआई जैसे संस्थान भी शामिल हैं—ताकि भारत की उभरती सेमीकंडक्टर निर्माण सुविधाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण क्षमताएं स्थापित की जा सकें।

सेमीकंडक्टर निर्माण के इर्द-गिर्द संपूर्ण इकोसिस्टम के निर्माण पर विशेष ध्यान श्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर जोर दिया कि सेमीकॉन 2.0 का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके इर्द-गिर्द एक संपूर्ण इकोसिस्टम तैयार करना है। उन्होंने कैपिटल इक्विपमेंट , मटीरियल , गैस , केमिकल , प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन के क्षेत्रों में घरेलू क्षमताओं को विकसित करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी क्षमताएं एक अधिक गहरे व सुदृढ़ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के निर्माण में मदद करेंगी और इस क्षेत्र में भारत के दीर्घकालिक विकास को मजबूती प्रदान करेंगी। श्री वैष्णव ने ग्लोबल सप्लाई चेन को अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपनी सप्लाई चेन में विविधता और मजबूती लाने का प्रयास कर रहीं वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों का रुझान लगातार भारत की ओर बढ़ रहा है।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा सेमीकंडक्टर निर्माण के केंद्र में बनी हुई है श्री वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के चयन से लेकर निर्माण और उत्पादन तक, गुणवत्ता और लागत के मामले में ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस को प्राथमिक मानदंड माना गया है। उन्होंने कहा कि जिन सेमीकंडक्टर सुविधाओं ने कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है, वे ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं और कस्टमर उनकी प्रोडक्शन कैपेसिटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान में स्थापित की जा रही इकाइयों में क्षमता निर्माण की तीव्र गति को भी रेखांकित किया।

सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए 11 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर और 5 प्रमुख घोषणाएं सेमीकॉन इंडिया 2026 के अंतर्गत 11 समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया तथा 5 महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। यह पहल सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, मटीरियल, इक्विपमेंट, डिजाइन, टैलेंट डेवलपमेंट और इससे जुड़े इकोसिस्टम की क्षमताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई है। जिन प्रमुख समझौतों एवं घोषणाओं को संपन्न किया गया, वे इस प्रकार हैं: सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड और ई-इन्फोचिप्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच कमर्शियल डिवाइसेस के पहले बैच का आदान-प्रदान किया गया। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और नेक्सपेरिया बी.वी. के बीच सेमीकंडक्टर वेफर मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली एवं टेस्ट, प्रौद्योगिकी सहयोग और नवाचार को लेकर एक एमओयू संपन्न हुआ। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एसेन्डास फर्स्ट स्पेस ने धोलेरा, गुजरात में सेमीकंडक्टर फैब सप्लायर इकोसिस्टम को गति देने के लिए 363 एकड़ के वेंडर पार्क के विकास हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किए। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और फुजीफिल्म कॉर्पोरेशन ने भारत के सेमीकंडक्टर निर्माण इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर सामग्रियों के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने हेतु एमओयू किया। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और जेएसआर कॉर्पोरेशन के बीच धोलेरा (गुजरात) स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के फैब प्लांट के लिए फोटोरेजिस्ट और एडवांस्ड केमिकल की आपूर्ति हेतु एमओयू हुआ। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और BESI Singapore Pte. Ltd. के बीच भारत में एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमताओं के निर्माण पर केंद्रित एमओयू संपन्न हुआ। vii. टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (एससीएल) ने सेमीकंडक्टर डिजाइन सेवाओं, प्रोसेस टेक्नोलॉजी, सप्लाई-चेन लोकलाइजेशन और टैलेंट डेवलपमेंट को कवर करते हुए एमओयू किया। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और गति शक्ति विश्वविद्यालय ने एलएंडटी एडुटेक तथा जैकब्स सॉल्यूशंस के सहयोग से सेमीकंडक्टर फैसिलिटी इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम्स में टैलेंट डेवलपमेंट हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किए। केन्स सेमीकॉन और ऑप्टोएमएल इंडिया ने एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और सिस्टम-ऑन-मॉड्यूल सॉल्यूशंस को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिए एमओयू किया। केन्स सेमीकॉन , ग्रिडक्रेस्ट टेक्नोलॉजीज और सेंससेमी ने पैकेजिंग , असेंबली और टेस्टिंग में अवसरों की तलाश हेतु एमओयू किया। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और इंटेल इंडिया ने 'इंट्रोडक्शन टू सेमीकंडक्टर्स' कोर्स का शुभारंभ किया। xii. इंटेल इंडिया और न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ( NAMTECH) ने एआई और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों में भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स विकसित करने हेतु एमओयू किया। होरीबा (HORIBA) ने अपने 'होरीबा कोच एक्सपीरियंस सेंटर' का उद्घाटन किया। सेंससेमी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (बेंगलुरु) और ग्रिडक्रेस्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड , दिल्ली ने स्मार्ट मीटरिंग सॉल्यूशंस के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए। xv. देश भर में चिप-डिजाइन क्षमताओं तक पहुंच का विस्तार करने और सेमीकंडक्टर डिजाइन को सुलभ बनाने के लिए छह 'चिप-इन' (ChipIN) रीजनल सेंटर की घोषणा की गई। सीडीआईएल सेमीकंडक्टर्स के व्यावसायिक उत्पादन तथा शिन्डेनगेन इलेक्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (जापान) के साथ पैकेज विकास हेतु साझेदारी की घोषणा की गई। फुल-स्टैक इकोसिस्टम की ओर तेजी से आगे बढ़ रही भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा श्री अश्विनी वैष्णव ने रेखांकित किया कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की जटिलता को देखते हुए वैल्यू चेन के प्रत्येक स्तर पर सतत प्रयासों की आवश्यकता है। इसी दृष्टिकोण के साथ सेमीकॉन 2.0 का खाका तैयार किया गया है, जिसका लक्ष्य न केवल चिप मैन्युफैक्चरिंग बल्कि डिजाइन, कैपिटल इक्विपमेंट, मटीरियल, एडवांस्ड पैकेजिंग, रिसर्च, टैलेंट और सप्लाई चेन में भी स्वदेशी क्षमताओं को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक संतुलित और दीर्घकालिक दृष्टिकोण की आवश्यकता होगी, जिसका उद्देश्य आने वाले दशकों में निरंतर विकास को बनाए रखने में सक्षम इकोसिस्टम की स्थापना करना है। सेमीकॉन 2.0 के तहत सरकार के इस दृष्टिकोण का उद्देश्य भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में एक विश्वसनीय और मजबूत भागीदार के रूप में उभारना है, जिसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार का सृजन करना और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को सशक्त बनाना है। सेमीकॉन इंडिया 2026, जो नई दिल्ली के यशोभूमि में 19 सितंबर तक आयोजित हो रहा है, में 600 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। इसमें 52 देशों के प्रतिनिधियों, 400 से अधिक अधिकारियों और 150 से अधिक वक्ताओं के साथ लगभग 50,000 आगंतुकों के शामिल होने की उम्मीद है। इस प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन का प्रतिनिधित्व करने वाले छह कंट्री पैवेलियन के साथ-साथ 12 राज्य बूथ, एक स्टार्टअप पैवेलियन, इनोवेशन शोकेस, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पैवेलियन शामिल हैं। ************* पीके/केसी/डीवी/डीए

(रिलीज़ आईडी: 2311708)

<div

यह जानकारी Press Information Bureau की आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है। मूल दस्तावेज़ और पूरा संदर्भ नीचे दिए गए स्रोत लिंक पर पढ़ा जा सकता है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01Press Information Bureauमूल रिपोर्ट देखें ↗