सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फूड वेंडर का वीडियो निकला स्क्रिप्टेड, फैक्ट चेक में हुआ खुलासा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है जिसमें एक व्यक्ति को फूड वेंडर की ट्रे पलटते और खाना फेंकते हुए दिखाया गया है। द क्विंट की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक पाया गया है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह घटना वास्तविक नहीं बल्कि पहले से तैयार की गई एक स्क्रिप्टेड क्लिप है जिसे गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
VIMARSHNAARAD TVहाल ही में इंटरनेट पर एक वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा है, जिसमें एक व्यक्ति को सड़क किनारे सामान बेच रहे एक विक्रेता के साथ दुर्व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में दावा किया गया कि उक्त व्यक्ति ने वेंडर की ट्रे को जानबूझकर पलट दिया और उस पर खाना फेंककर हमला किया। इस फुटेज के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी नाराजगी देखी गई।
हालांकि, द क्विंट द्वारा की गई एक विस्तृत फैक्ट चेक रिपोर्ट में इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो किसी वास्तविक घटना का नहीं है, बल्कि इसे एक स्क्रिप्ट के तहत तैयार किया गया है। यह केवल एक अभिनय है जिसे सोशल मीडिया पर लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से प्रसारित किया जा रहा है।
पड़ताल में यह पाया गया कि वीडियो में दिखाई गई हिंसा और वेंडर के साथ हुई बदसलूकी पूरी तरह से बनावटी है। इस तरह के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज और एंगेजमेंट पाने के लिए बनाए जाते हैं। ऐसे में किसी भी वीडियो को बिना सच्चाई जाने साझा करना गलत जानकारी को बढ़ावा दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के स्क्रिप्टेड वीडियो समाज में अनावश्यक तनाव और गलतफहमी पैदा कर सकते हैं। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे भ्रामक कंटेंट को आगे न बढ़ाएं और किसी भी वायरल वीडियो की सत्यता की जांच जरूर करें।
द क्विंट की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो किसी भी वास्तविक हमले या अपराध का हिस्सा नहीं है। यह केवल एक मनोरंजन या सोशल मीडिया प्रयोग के लिए शूट किया गया था, जिसे गलत दावों के साथ पेश किया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह के भ्रामक वीडियो का प्रसार एक बड़ी चुनौती बन गया है। उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि वे ऐसी गलत सूचनाओं का शिकार न बनें।
अंत में, यह स्पष्ट है कि वायरल वीडियो में दिख रही घटना पूरी तरह से काल्पनिक है। किसी भी व्यक्ति को इस वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए क्योंकि यह पूरी तरह से स्क्रिप्टेड है।