स्वच्छता कर्मियों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए एनएसकेएफडीसी ने वितरित किए 3,365 करोड़ रुपये से अधिक
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) ने सफाई कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए 3,365.93 करोड़ रुपये की ऋण सहायता वितरित की है। इस पहल से अब तक 6.10 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। निगम रियायती ब्याज दरों पर स्वरोजगार के लिए ऋण प्रदान करता है और कौशल विकास के माध्यम से लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) सफाई कर्मियों, कचरा बीनने वालों और मैला ढोने की प्रथा से जुड़े लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। निगम का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों को सतत आजीविका के अवसर प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। अपनी स्थापना के बाद से, यह संस्था ऋण-आधारित योजनाओं और गैर-ऋण कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रही है।
NSKFDC द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता के तहत व्यक्तिगत लाभार्थियों को 30 लाख रुपये तक और समूहों को 75 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इन ऋणों पर ब्याज दरें 6 से 9 प्रतिशत के बीच निर्धारित हैं, जिनकी पुनर्भुगतान अवधि तीन से दस वर्ष तक होती है। महिला लाभार्थियों को ब्याज दरों में 1 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाती है, जबकि समय पर किस्त चुकाने वाले लाभार्थियों को अतिरिक्त 0.5 प्रतिशत की राहत मिलती है।
वित्तीय सहायता के अलावा, निगम जागरूकता शिविरों, कार्यशालाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन भी करता है। इन पहलों का लक्ष्य लाभार्थियों की उद्यमशीलता क्षमताओं को विकसित करना और उन्हें सुरक्षित तथा सम्मानजनक रोजगार के लिए तैयार करना है। ये कार्यक्रम राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से संचालित किए जाते हैं।
10 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, निगम ने 3,365.93 करोड़ रुपये की ऋण राशि स्वीकृत और वितरित की है। इस सहायता से 6,10,902 व्यक्तियों ने लाभ उठाया है। यह आंकड़े निगम की उस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं जिसके तहत वह स्वच्छता कर्मियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहा है।
जनवरी 1997 में स्थापित यह निगम एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में कार्य करता है। इसका दृष्टिकोण मैला ढोने की अमानवीय प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना है। निगम का मिशन यह सुनिश्चित करना है कि लक्षित समूह के सदस्य गरिमा और स्वाभिमान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।
NSKFDC की कार्यप्रणाली में ऋण योजनाओं के साथ-साथ क्षमता निर्माण पर भी समान जोर दिया जाता है। कौशल विकास के माध्यम से लाभार्थियों को नई तकनीक और रोजगार के वैकल्पिक अवसर सिखाए जाते हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होती है, बल्कि वे समाज में अधिक सम्मानजनक स्थान भी प्राप्त करते हैं।
अंततः, एनएसकेएफडीसी का प्रयास है कि स्वच्छता कर्मी और उनके परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बनें। सरकार की विभिन्न योजनाओं के समन्वय से निगम यह सुनिश्चित कर रहा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
