स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान की शुरुआत, युवाओं और विद्यार्थियों को बनाया गया मुख्य केंद्र
देश में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस वर्ष की थीम 'स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत' रखी गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को जोड़कर स्वच्छता के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाना है। 1 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी श्रमदान और 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के रूप में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने नई दिल्ली में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के कर्टेन-रेजर कार्यक्रम को संबोधित किया। यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर देशव्यापी स्तर पर स्वच्छता के प्रति सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देगा।
इस वर्ष के अभियान की थीम 'स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत' है। मंत्रियों ने जोर दिया कि स्वच्छता अब एक जन-भागीदारी वाला राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस साझा जिम्मेदारी को निभाने के लिए सक्रिय रूप से आगे आएं।
अभियान के पांच प्रमुख स्तंभों में सार्वजनिक स्थलों का कायाकल्प, युवाओं के लिए 'स्वच्छ पाठशाला' पहल, सफाई मित्रों का सम्मान, जन-भागीदारी और 'वेस्ट टू वेल्थ' जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने राज्यों से इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया है। उन्होंने नागरिकों से 17 सितंबर को अपने घरों की सफाई से शुरुआत करने और 1 अक्टूबर को एक घंटे के श्रमदान में शामिल होने की अपील की है।
2 अक्टूबर को 'स्वच्छ भारत दिवस' के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाएं और शहरी क्षेत्रों में परिषद बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस दिन 'एक पेड़ माँ के नाम' पहल के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया जाएगा।
अभियान के दौरान 'स्पोर्ट्स फॉर स्वच्छता' जैसी पहल के माध्यम से बच्चों और युवाओं को स्वच्छता के संदेश से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि स्वच्छता को केवल एक कार्यक्रम न रखकर इसे एक स्थायी राष्ट्रीय संकल्प बनाया जाए।
इस अवसर पर अभियान का लोगो, थीम और एंथम भी लॉन्च किया गया। नागरिकों से हैशटैग #SHS2026 का उपयोग करके अपनी गतिविधियों को साझा करने का अनुरोध किया गया है ताकि स्वच्छता के इस संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाया जा सके।
