स्वरा भास्कर ने 'पद्मावत' वाले बयान पर दी सफाई, कहा- रानी पद्मावती को कभी कायर नहीं कहा
अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने फिल्म 'पद्मावत' की कहानी को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, स्वरा ने कहा है कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया था और उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा था। उन्होंने हिंदी में अपने बयान का अर्थ समझाते हुए विवाद को शांत करने का प्रयास किया है।

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने फिल्म 'पद्मावत' की कहानी पर अपनी टिप्पणी को लेकर मचे विवाद पर सफाई पेश की है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वरा ने स्पष्ट किया है कि उनके बयानों का गलत अर्थ निकाला गया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा था।
स्वरा ने हिंदी में विस्तार से समझाते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल फिल्म के चित्रण और ऐतिहासिक संदर्भों पर एक चर्चा शुरू करना था। उन्होंने कहा कि उनके बयानों को संदर्भ से बाहर निकालकर पेश किया गया, जिससे गलतफहमी पैदा हुई। अभिनेत्री ने कहा कि वे रानी पद्मावती के प्रति सम्मान रखती हैं।
विवाद तब शुरू हुआ था जब स्वरा ने फिल्म के कुछ पहलुओं पर अपनी राय रखी थी। सोशल मीडिया पर उनके बयानों की काफी आलोचना हुई थी। अब अभिनेत्री ने इन आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा है कि वे केवल एक फिल्म समीक्षक के रूप में अपनी बात रख रही थीं।
स्वरा ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर उन्हें अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व का अपमान करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले को लेकर काफी दुखी हैं कि उनकी बातों को गलत समझा गया।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि वे भविष्य में अपनी बातों को और अधिक स्पष्टता के साथ रखने का प्रयास करेंगी ताकि कोई भ्रम न फैले। उन्होंने अपने प्रशंसकों से अपील की है कि वे उनके बयानों को सही संदर्भ में देखें।
यह पहली बार नहीं है जब स्वरा भास्कर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं। वे अक्सर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, इस बार उन्होंने विवाद को खत्म करने के लिए खुद आगे आकर सफाई दी है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, स्वरा का यह स्पष्टीकरण उन लोगों के लिए है जो उनके बयानों को लेकर नाराज थे। अभिनेत्री ने उम्मीद जताई है कि अब इस मामले पर अनावश्यक विवाद नहीं होगा।
