स्वास्थ्य मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' के तहत किया श्रमदान, अधिकारियों ने लिया हिस्सा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई दिल्ली में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के अंतर्गत एक विशेष श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव डॉ. राजीव बहल के नेतृत्व में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य जन भागीदारी को बढ़ावा देना और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के तहत एक स्वैच्छिक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने किया। उनके साथ मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस श्रमदान कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अतिरिक्त सचिव आराधना पटनायक, नाको के महानिदेशक डॉ. राकेश गुप्ता और डीजीएचएस डॉ. लवनीश जी. कृष्णा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी प्रतिभागियों ने 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' के विषय को अपनाते हुए स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. राजीव बहल ने कहा कि स्वच्छता को एक निरंतर चलने वाली सामूहिक प्रक्रिया बनाना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और स्वस्थ रखने में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने जोर दिया कि यह केवल एक संस्थागत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक सामाजिक प्रतिबद्धता भी है।
श्रीमती आराधना पटनायक ने इस अवसर पर 'जन भागीदारी' के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जिम्मेदार व्यवहार अनिवार्य है। उन्होंने निरंतर स्वच्छता बनाए रखने के लिए सामुदायिक स्तर पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
यह अभियान 'स्वच्छ भारत' के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता, जन-स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन-शैली के बीच गहरा संबंध है। इस प्रकार के आयोजन का मुख्य उद्देश्य कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाना और नागरिकों को स्वच्छता प्रयासों में शामिल करना है।
मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छ और संवहनीय सार्वजनिक स्थानों के निर्माण के लिए लगातार जागरूकता और सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है। यह कार्यक्रम देश भर में स्वच्छता प्रयासों को गति देने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
