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गायक सोनू निगम का दावा: रॉयल्टी और अधिकारों की मांग करने पर म्यूजिक कंपनियों ने किया प्रतिबंधित

प्रसिद्ध गायक सोनू निगम ने हाल ही में एक साक्षात्कार में खुलासा किया है कि संगीत जगत की प्रमुख कंपनियों टी-सीरीज और ज़ी म्यूजिक ने उन्हें प्रतिबंधित कर दिया था। सोनू के अनुसार, यह कदम तब उठाया गया जब उन्होंने गायकों के रॉयल्टी अधिकारों और कॉपीराइट के लिए आवाज उठाई थी। उन्होंने बताया कि इस विरोध के बाद उनके करियर में चुनौतियां बढ़ गईं और उन्हें काम मिलना मुश्किल हो गया था, हालांकि उन्होंने इस स्थिति का सामना किया।

गायक सोनू निगम का दावा: रॉयल्टी और अधिकारों की मांग करने पर म्यूजिक कंपनियों ने किया प्रतिबंधित
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Mahin Fayaz · CC BY 2.0 · Openverse

मशहूर पार्श्व गायक सोनू निगम ने संगीत उद्योग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि टी-सीरीज और ज़ी म्यूजिक जैसी बड़ी म्यूजिक कंपनियों ने उन्हें एक तरह से प्रतिबंधित कर दिया था। सोनू के मुताबिक, यह सब तब शुरू हुआ जब उन्होंने गायकों के हितों और उनके रॉयल्टी अधिकारों के लिए अपनी आवाज बुलंद की थी। उन्होंने कहा कि उनके इस रुख के बाद से ही उनके साथ काम करने के अवसरों में कमी आने लगी थी।

सोनू निगम ने बताया कि उन्होंने हमेशा कलाकारों के पारिश्रमिक और कॉपीराइट के मुद्दों पर स्पष्ट राय रखी है। जब उन्होंने इन अधिकारों की मांग की, तो उन्हें लगा कि उद्योग के बड़े घरानों ने इसे चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने साझा किया कि इस विवाद के बाद चीजें लगातार बिगड़ती चली गईं और उन्हें कई बड़े प्रोजेक्ट्स से दूर रखा गया। गायक के अनुसार, यह उनके लिए एक कठिन दौर था क्योंकि उन्होंने केवल न्याय की बात की थी।

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोनू निगम ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध उनके द्वारा रॉयल्टी के मुद्दे पर लिए गए स्टैंड का सीधा परिणाम था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि एक कलाकार के तौर पर अपने हक की बात करना उन्हें इतना महंगा पड़ेगा। सोनू ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि संगीत कंपनियां इस हद तक जाकर उन्हें काम से वंचित कर देंगी।

इस मामले पर चर्चा करते हुए सोनू ने उन अनुभवों को याद किया जब उन्हें काम के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने बताया कि कैसे कुछ बड़े म्यूजिक लेबल्स ने उनके साथ काम करना बंद कर दिया था, जिससे उनके करियर पर सीधा असर पड़ा। हालांकि, सोनू ने इस स्थिति को अपने जीवन का एक हिस्सा माना और कहा कि उन्होंने इन चुनौतियों के बावजूद अपनी गायकी के प्रति समर्पण बनाए रखा।

सोनू निगम का यह बयान संगीत उद्योग में कॉपीराइट और रॉयल्टी के पुराने विवादों को फिर से हवा दे रहा है। कई वर्षों से कलाकार अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन सोनू का यह खुलासा इस बहस को एक नया मोड़ देता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उद्योग में कलाकारों की स्थिति को लेकर अभी भी बहुत कुछ बदलने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में किसी अन्य गायक को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

इस विषय पर अभी तक संबंधित म्यूजिक कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोनू निगम के इस दावे ने सोशल मीडिया और संगीत प्रेमियों के बीच एक बड़ी चर्चा छेड़ दी है। लोग उनके साहस की सराहना कर रहे हैं कि उन्होंने इतने बड़े मंच पर अपनी बात रखी। सोनू का मानना है कि कलाकारों को उनके काम का उचित श्रेय और रॉयल्टी मिलना उनका मौलिक अधिकार है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

स्रोत

मूल संदर्भ

01The Times of Indiaमूल रिपोर्ट देखें ↗02Telegraph Indiaमूल रिपोर्ट देखें ↗03Hindustan Timesमूल रिपोर्ट देखें ↗