हाथरस: आपत्तिजनक ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासक ने वीडियो जारी कर दी सफाई
हाथरस के मुरसान ब्लॉक के खजूरिया गांव का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक व्यक्ति खुद को गुंडों का फूफा बता रहा है और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर रहा है। विवाद बढ़ने पर गांव के प्रशासक ने एक वीडियो जारी कर खुद को इस मामले से अलग कर लिया है और ऑडियो से अपना कोई संबंध होने से इनकार किया है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से एक विवादित मामला सामने आया है, जहां मुरसान ब्लॉक के खजूरिया गांव के प्रशासक से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हो गया है। इस ऑडियो क्लिप में एक व्यक्ति बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए सुनाई दे रहा है।
ऑडियो में सुनाई देने वाला व्यक्ति खुद को गुंडों का फूफा बता रहा है। इसके अलावा, वह ब्राह्मण समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करता हुआ भी रिकॉर्ड हुआ है। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में काफी आक्रोश देखा गया और लोगों ने इसकी कड़ी निंदा की है।
मामले ने जब तूल पकड़ा, तो खजूरिया गांव के प्रशासक ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर इस पूरे प्रकरण से किनारा कर लिया है। प्रशासक ने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहे ऑडियो से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही उन्होंने ऐसी कोई बात कही है।
प्रशासक ने अपने वीडियो में कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह ऑडियो किसी और का है जिसे उनके नाम से गलत तरीके से फैलाया जा रहा है। उन्होंने इस तरह की गतिविधियों को समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास बताया।
इस घटना के बाद से गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आखिर यह आवाज किसकी है। सोशल मीडिया पर भी इस ऑडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक जांच के आदेश नहीं दिए गए हैं, लेकिन वायरल ऑडियो ने स्थानीय राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित किया है। लोग इस तरह की अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर गहरी नाराजगी जता रहे हैं।
फिलहाल, प्रशासक द्वारा जारी वीडियो के बाद मामला शांत होने के बजाय और अधिक चर्चा का विषय बन गया है। यह देखना बाकी है कि क्या पुलिस या जिला प्रशासन इस ऑडियो की सत्यता की जांच के लिए कोई कदम उठाता है या नहीं।