हाथरस के बिसावर में लंपी वायरस का कहर, पांच गोवंश की मौत और दो दर्जन से अधिक संक्रमित
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के बिसावर क्षेत्र में लंपी वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, घाटमपुर ग्राम पंचायत में पिछले 10 दिनों में पांच गोवंश की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, दो दर्जन से अधिक पशु इस बीमारी की चपेट में हैं। संक्रमित पशुओं के शरीर पर गांठें बन रही हैं, जो बाद में घाव का रूप ले लेती हैं, जिससे दूध उत्पादन भी पूरी तरह ठप हो गया है।
VIMARSHNAARAD TVहाथरस जिले के बिसावर स्थित घाटमपुर ग्राम पंचायत में लंपी वायरस ने गंभीर संकट पैदा कर दिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 10 दिनों के भीतर पांच गोवंश की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे स्थानीय पशुपालकों में भारी चिंता का माहौल है।
बीमारी की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दो दर्जन से अधिक गोवंश वर्तमान में इस वायरस से संक्रमित हैं। पशुओं के शरीर पर बड़ी-बड़ी गांठें उभर रही हैं, जो बाद में फूटकर गहरे घाव बन जाती हैं। इन घावों में कीड़े पड़ने की समस्या भी देखी जा रही है, जिससे पशुओं को असहनीय पीड़ा हो रही है।
इस बीमारी के कारण पशुओं का दूध उत्पादन पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे न केवल पशुओं की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, बल्कि पशुपालकों की आजीविका पर भी संकट के बादल छा गए हैं। स्थानीय लोग और प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए चिंतित हैं।
लंपी वायरस के बढ़ते मामलों ने ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। पशुओं की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, जिससे उपचार की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, घाटमपुर में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। पशु चिकित्सक और संबंधित विभाग के अधिकारी इस प्रकोप को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन संक्रमण की गति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
पशुपालकों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो मरने वाले गोवंश की संख्या और बढ़ सकती है। क्षेत्र में डर का माहौल है क्योंकि यह बीमारी तेजी से एक पशु से दूसरे पशु में फैल रही है।
प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और संक्रमित पशुओं को अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
हाथरस के बिसावर क्षेत्र में लंपी वायरस का यह प्रकोप पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। सभी की नजरें अब सरकारी सहायता और प्रभावी उपचार पर टिकी हैं ताकि इस बीमारी को और फैलने से रोका जा सके।