हाथरस: पिता की मौत के बाद मां की नौकरी गई, 13 साल की बेटी ने कमिश्नर से लगाई गुहार
उत्तर प्रदेश के हाथरस में 13 साल की महक ने मंडलायुक्त से अपनी मां को काम पर वापस रखने की गुहार लगाई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पिता के निधन के बाद मां सफाई का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रही थी, लेकिन उसे बिना किसी कारण के नौकरी से निकाल दिया गया। अब परिवार के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है।
हाथरस से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहाँ 13 साल की महक ने अपने परिवार की मदद के लिए मंडलायुक्त के सामने गुहार लगाई है। महक ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसकी मां पर आ गई थी।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, महक की मां सफाई का काम करके अपनी दोनों बेटियों का पेट पाल रही थी। लेकिन अचानक, बिना किसी स्पष्ट कारण के, उसे काम से निकाल दिया गया। इस घटना के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।
महक ने मंडलायुक्त से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि उसकी मां को काम नहीं मिला, तो वे भूखे मर जाएंगे। उसने बताया कि उसकी मां बीमार भी है और घर का खर्च चलाने के साथ-साथ इलाज के लिए भी पैसों की सख्त जरूरत है।
यह परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। पिता के न रहने के बाद मां ही एकमात्र सहारा थी, और अब उसके पास भी कोई आय का साधन नहीं बचा है। महक की यह गुहार प्रशासन की संवेदनशीलता की परीक्षा ले रही है।
स्थानीय प्रशासन के सामने अब इस परिवार की मदद करने की चुनौती है। महक की बातों से साफ है कि परिवार की स्थिति कितनी दयनीय हो चुकी है। उसे उम्मीद है कि कमिश्नर उसकी मां को दोबारा काम दिलवाएंगे ताकि वे सम्मान के साथ जी सकें।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, महक ने अपनी मां के इलाज और घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उसने अपनी छोटी उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी का बोझ उठा लिया है।
इस मामले ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है। लोग प्रशासन से इस गरीब परिवार की मदद करने की अपील कर रहे हैं ताकि दो बेटियों और उनकी बीमार मां को भुखमरी से बचाया जा सके।
प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन महक की गुहार ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस परिवार को राहत मिलेगी।
