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हाथरस: भाजपा नेता से रंगदारी मांगने के आरोपी कुख्यात विनोद जाट की जमानत याचिका अदालत ने ठुकराई

हाथरस के चर्चित अपराधी विनोद जाट को अदालत से बड़ा झटका लगा है। एडीजे कोर्ट प्रथम ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। विनोद पर भाजपा नेता गरुणध्वज सिंह को धमकाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप है। फिलहाल वह हमीरपुर जेल में बंद है और उसके खिलाफ 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सक्रिय कुख्यात अपराधी विनोद जाट की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में एडीजे कोर्ट प्रथम ने उसकी ओर से दायर की गई जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत का यह निर्णय उसके खिलाफ चल रहे गंभीर आपराधिक मामलों के मद्देनजर आया है।

विनोद जाट पर मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी के नेता गरुणध्वज सिंह को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने भाजपा नेता से 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी। इस मामले ने क्षेत्र में काफी चर्चा बटोरी थी और पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की थी।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, विनोद जाट का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 18 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जो उसकी सक्रियता और अपराध की गंभीरता को दर्शाते हैं। इन मामलों के कारण वह लंबे समय से कानून की पकड़ में है।

वर्तमान में विनोद जाट हमीरपुर की जेल में बंद है। जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसे फिलहाल जेल में ही रहना होगा। पुलिस और प्रशासन उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में भी कड़ी निगरानी बनाए हुए है ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।

अदालत के इस फैसले को स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गरुणध्वज सिंह से रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाई थी। कोर्ट ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही आरोपी को राहत देने से इनकार किया है।

विनोद जाट के खिलाफ दर्ज मुकदमों की फेहरिस्त यह बताती है कि वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। हाथरस पुलिस ने उसके आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।

जमानत याचिका खारिज होने से यह स्पष्ट है कि अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी को बाहर आने की अनुमति नहीं दी है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान पुलिस अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रही है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, हाथरसमूल रिपोर्ट देखें ↗