हाथरस में नगर पालिका की जेसीबी से दर्दनाक हादसा, 11 वर्षीय मासूम बच्ची की पेट में पंजा घुसने से मौत
उत्तर प्रदेश के हाथरस में रविवार शाम एक दुखद घटना सामने आई है। जोगीपुरा आदर्शनगर इलाके में नगर पालिका की जेसीबी के चालक की लापरवाही के चलते एक 11 वर्षीय बच्ची नैना की जान चली गई। जेसीबी का लोहे का पंजा बच्ची के पेट में घुस गया, जिससे उसका पेट फट गया और आंतें बाहर आ गईं। इस भीषण हादसे के बाद बच्ची ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
VIMARSHNAARAD TVहाथरस शहर के जोगीपुरा आदर्शनगर इलाके में रविवार की शाम एक हृदयविदारक हादसा हुआ। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, नगर पालिका की जेसीबी मशीन की चपेट में आने से 11 वर्षीय नैना नाम की बच्ची की मौत हो गई। यह घटना तब घटी जब जेसीबी का चालक मशीन को नियंत्रित कर रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्ट के मुताबिक, चालक की लापरवाही के कारण जेसीबी के आगे लगा लोहे का भारी पंजा अचानक बच्ची के पेट में जा घुसा। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्ची का पेट बुरी तरह फट गया और उसकी आंतें बाहर निकल आईं।
गंभीर रूप से घायल नैना को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन चोट इतनी गहरी थी कि उसने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया।
नगर पालिका की मशीन से हुए इस हादसे ने सुरक्षा मानकों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में भारी मशीनों का संचालन करते समय सावधानी नहीं बरती जा रही है, जिसका खामियाजा मासूमों को भुगतना पड़ रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक हंसती-खेलती बच्ची की इस तरह से हुई मौत ने पूरे मोहल्ले को झकझोर कर रख दिया है। लोग अब प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, पुलिस चालक की भूमिका की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लापरवाही किस स्तर पर हुई थी। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी है और उचित कानूनी प्रक्रिया का आश्वासन दिया है।