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हाथरस में बंदरों के हमले से बचने की कोशिश में मजदूर की मौत, परिवार में मातम

हाथरस जंक्शन के रेलवे रोड पर बंदरों के आतंक के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया। 50 वर्षीय मजदूर देवी किशोर, जिन्हें पप्पू के नाम से भी जाना जाता था, बंदरों से बचने के प्रयास में अपने घर की दूसरी मंजिल से नीचे गिर गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद अलीगढ़ में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से उनके तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।

हाथरस जिले में बंदरों के बढ़ते आतंक ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पूरी तरह से छीन ली हैं। यह दुखद घटना हाथरस जंक्शन के रेलवे रोड इलाके में बृहस्पतिवार शाम को घटी। मृतक की पहचान 50 वर्षीय मजदूर देवी किशोर उर्फ पप्पू के रूप में हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, देवी किशोर अपने घर की दूसरी मंजिल पर मौजूद थे। तभी अचानक बंदरों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों के इस अचानक हमले से बचने की हड़बड़ी में वे अपना संतुलन खो बैठे और सीधे छत से नीचे आ गिरे।

इस भीषण हादसे में देवी किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। हालांकि, अलीगढ़ में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। देवी किशोर की मृत्यु से उनके तीन बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों का आतंक काफी समय से बना हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों ने मांग की है कि बंदरों को पकड़ने के लिए उचित व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

हाथरस जंक्शन पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी है। फिलहाल, परिवार के लोग इस अपूरणीय क्षति से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते खतरे और उससे होने वाले नुकसान का एक दुखद उदाहरण बन गई है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, हाथरसमूल रिपोर्ट देखें ↗