हाथरस में रक्षाबंधन का उल्लास: बहनें आज भाइयों की कलाई पर बांधेंगी रक्षा-सूत्र, शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान
हाथरस सहित पूरे देश में आज शुक्रवार को रक्षाबंधन का त्योहार पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षा-सूत्र बांध रही हैं। इस पावन अवसर पर शुभ मुहूर्तों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के इस पर्व को पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न किया जा सके।
हाथरस में आज शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का यह त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष दिन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रेशमी रक्षा-सूत्र बांधकर उनकी सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना कर रही हैं।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल रक्षाबंधन के मौके पर राखी बांधने के लिए तीन विशेष शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। इन मुहूर्तों का पालन करना शुभ माना जाता है, जिससे त्योहार की पवित्रता और अधिक बढ़ जाती है। बहनें इन निर्धारित समयों का ध्यान रखते हुए अपने भाइयों को तिलक लगाकर रक्षा-सूत्र बांध रही हैं।
रक्षाबंधन का यह पर्व भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लेती हैं, वहीं भाई भी अपनी बहनों की रक्षा करने का वचन देते हैं। हाथरस के विभिन्न क्षेत्रों में सुबह से ही घरों में उत्सव का माहौल देखा जा रहा है।
त्योहार के चलते बाजारों में भी काफी रौनक है। लोग मिठाइयों और उपहारों की खरीदारी कर रहे हैं। रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर परिवार के सभी सदस्य एक साथ जुट रहे हैं। दूर-दराज में रहने वाले भाई-बहन भी इस दिन एक-दूसरे से मिलने का प्रयास करते हैं ताकि इस रिश्ते की मिठास को और गहरा किया जा सके।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में मजबूती आती है। रक्षाबंधन के दिन बहनें पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करती हैं। भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर और आरती उतारकर उन्हें मिठाई खिलाई जाती है। इसके बाद ही कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधने की परंपरा पूरी की जाती है।
हाथरस में रक्षाबंधन को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भी पूरी तैयारी की थी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोग अपने घरों में इस त्योहार को मना रहे हैं। भाई-बहन के इस अटूट प्रेम का पर्व समाज में आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश भी देता है।
रक्षाबंधन का यह दिन न केवल एक रस्म है, बल्कि यह एक-दूसरे के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। आज के दिन सभी भाई अपनी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपना स्नेह प्रकट कर रहे हैं। पूरे दिन चलने वाले इस उत्सव में परिवार के सभी सदस्य शामिल होकर खुशियां साझा कर रहे हैं।
