हाथरस: रेलवे ट्रैक पर लोहे का गार्डर मिलने से टला बड़ा हादसा, इंजीनियर निलंबित
उत्तर प्रदेश के हाथरस में रेलवे ट्रैक पर लोहे का गार्डर छूट जाने के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मेमू ट्रेन 64582 के लोको पायलट ने समय रहते सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन रोक दी, जिससे गार्डर से टक्कर नहीं हुई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस गंभीर लापरवाही के लिए सीनियर सेक्शन इंजीनियर जयश शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
VIMARSHNAARAD TVहाथरस जंक्शन और किला स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। ट्रैक पर लोहे का एक गार्डर पड़ा हुआ था, जिससे एक बड़ा रेल हादसा हो सकता था। मेमू ट्रेन संख्या 64582 जब इस मार्ग से गुजर रही थी, तभी लोको पायलट की नजर ट्रैक पर पड़ी बाधा पर गई।
लोको पायलट ने अपनी सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इस सतर्कता के कारण ट्रेन की गार्डर से टक्कर नहीं हुई और यात्रियों की जान सुरक्षित रही। यदि ट्रेन समय पर नहीं रुकती, तो गंभीर परिणाम हो सकते थे।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में ट्रैक पर गार्डर छोड़ने के लिए सीनियर सेक्शन इंजीनियर जयश शर्मा को जिम्मेदार पाया गया।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस लापरवाही के चलते रेलवे ने जयश शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रेलवे सुरक्षा के मानकों के साथ इस तरह का समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक पर काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। गार्डर का ट्रैक पर छूट जाना एक गंभीर चूक है, जिसकी वजह से ट्रेन संचालन प्रभावित हुआ और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।
रेलवे विभाग अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित बनी रहे।
इस घटना के बाद से हाथरस रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल स्थिति सामान्य है और ट्रेन सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।