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हाथरस: विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करना पड़ा महंगा, आप नेता के खिलाफ शिकायत

हाथरस में आम आदमी पार्टी की ब्रज प्रांत अध्यक्ष डॉ. हृदेश चौधरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन पर गोशाला रोड स्थित संविलियन विद्यालय का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करने का आरोप है। विद्यालय के हेड मास्टर ने इस संबंध में तहरीर दी है। बताया जा रहा है कि यह कदम पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर उठाया गया था।

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना आम आदमी पार्टी की एक वरिष्ठ पदाधिकारी के लिए कानूनी परेशानी का कारण बन गया है। ब्रज प्रांत की अध्यक्ष डॉ. हृदेश चौधरी के खिलाफ विद्यालय प्रशासन ने शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला गोशाला रोड स्थित संविलियन विद्यालय से जुड़ा हुआ है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. हृदेश चौधरी ने विद्यालय परिसर के अंदर जाकर वीडियो बनाया था। इसके बाद उन्होंने इस वीडियो को अपने आधिकारिक 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर दिया। विद्यालय के हेड मास्टर ने इस कृत्य पर आपत्ति जताते हुए पुलिस को तहरीर दी है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि डॉ. हृदेश चौधरी ने यह वीडियो आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर बनाया था। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विद्यालय प्रशासन का आरोप है कि बिना अनुमति के परिसर में वीडियो बनाना और उसे सार्वजनिक करना नियमों का उल्लंघन है।

पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। हेड मास्टर द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की सूचना नहीं है, लेकिन पार्टी पदाधिकारी की मुश्किलें जरूर बढ़ गई हैं।

विद्यालय प्रशासन का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है और इस तरह के वीडियो से शिक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न होती है। वहीं, पार्टी की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यह घटना सार्वजनिक स्थानों और सरकारी संस्थानों में वीडियो बनाने को लेकर चल रही बहस को भी हवा देती है। प्रशासन और शिक्षण संस्थानों के बीच का यह विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि प्राप्त शिकायत के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, हाथरसमूल रिपोर्ट देखें ↗