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हाथरस सत्संग हादसा: कांस्टेबल शिल्पी ने कोर्ट में दी गवाही, सेवादारों ने पुलिस की मदद लेने से किया था इनकार

हाथरस के फुलरई मुगलगढ़ी में दो साल पहले हुए सत्संग हादसे के मामले में एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में सुनवाई हुई। इस दौरान कांस्टेबल शिल्पी ने अपनी गवाही दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि घटना के समय सेवादारों ने पुलिस की सहायता लेने से साफ इनकार कर दिया था और दावा किया था कि वे स्थिति को खुद संभाल लेंगे। मामले की जांच जारी है।

हाथरस जिले की सिकंदराराऊ तहसील के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में दो साल पूर्व आयोजित सत्संग के दौरान हुए भीषण हादसे के मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में हुई, जिसमें कांस्टेबल शिल्पी ने अपनी गवाही दर्ज कराई।

कांस्टेबल शिल्पी ने अदालत को घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सत्संग के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल वहां मौजूद था। हालांकि, आयोजन से जुड़े सेवादारों ने पुलिस की किसी भी प्रकार की सहायता लेने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया था।

गवाही के दौरान कांस्टेबल ने उल्लेख किया कि सेवादारों का कहना था कि उन्हें पुलिस की कोई आवश्यकता नहीं है और वे स्वयं ही भीड़ और व्यवस्था को नियंत्रित करने में सक्षम हैं। सेवादारों के इस दावे के बावजूद, बाद में वहां स्थिति अनियंत्रित हो गई, जिसके परिणामस्वरूप दुखद हादसा हुआ।

अदालत में दी गई यह गवाही मामले की गंभीरता को और बढ़ाती है। यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया और जिम्मेदारी किसकी थी। कांस्टेबल शिल्पी का बयान इस मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

हाथरस सत्संग हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में लगातार सुनवाई चल रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अदालत अब इस बात का विश्लेषण कर रही है कि क्या सेवादारों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ और क्या पुलिस को हस्तक्षेप करने से रोकने के कारण स्थिति बिगड़ी।

कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की सुनवाई में अन्य गवाहों को भी बुलाया जाएगा। पीड़ित पक्ष और प्रशासन दोनों की नजरें इस मामले के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। कांस्टेबल शिल्पी की गवाही ने इस मामले में नए तथ्यों को सामने रखा है, जिससे जांच की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और आयोजकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अदालत यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू किए जा सकें।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, हाथरसमूल रिपोर्ट देखें ↗