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हामिद अंसारी की हिंदू दक्षिणपंथ पर टिप्पणी से गरमाई सियासत, योगी आदित्यनाथ और ओवैसी ने दी प्रतिक्रिया

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा हिंदू दक्षिणपंथ को लेकर दिए गए एक बयान पर राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेताओं ने इस बयान को हिंदू धर्म का अपमान करार दिया है। वहीं, इस मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिससे देश में सांप्रदायिकता और राजनीतिक विमर्श को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा हिंदू दक्षिणपंथ को लेकर की गई एक टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, उनके इस बयान को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने तीखी आपत्ति जताई है। इन नेताओं का आरोप है कि हामिद अंसारी की टिप्पणी हिंदू धर्म के प्रति अपमानजनक है।

इस मामले ने सांप्रदायिकता और राजनीतिक विचारधाराओं के बीच चल रही बहस को और अधिक हवा दे दी है। भाजपा नेताओं का मानना है कि इस तरह के बयान समाज में विभाजन पैदा करने वाले हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे एक गंभीर विषय बताया है।

दूसरी ओर, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस पूरे प्रकरण पर अपनी राय रखी है। ओवैसी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। हालांकि, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच इस मुद्दे पर मतभेद स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिससे देश की राजनीतिक फिजा में गर्माहट आ गई है।

हामिद अंसारी ने अपने बयान में किन संदर्भों का हवाला दिया था, इसे लेकर भी अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। भाजपा का कहना है कि पूर्व उपराष्ट्रपति का पद गरिमामय होता है और ऐसे पदों पर रहे व्यक्तियों को सार्वजनिक मंचों पर सोच-समझकर बयान देने चाहिए। पार्टी नेताओं ने इसे एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताया है।

इस विवाद के बाद सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं एक बड़ा वर्ग इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला मान रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

फिलहाल, इस मामले पर कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। योगी आदित्यनाथ और ओवैसी जैसे नेताओं के बयानों ने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह राजनीतिक विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या इस पर कोई सुलह की स्थिति बनती है या नहीं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01BBC News हिंदीमूल रिपोर्ट देखें ↗